Breaking News:

सेना के पूर्व अधिकारी ने राह पकड़ी बीजेपी की और बोले- “किसी भी सैनिक की पहली पसंद है ये पार्टी”

देश का सियासी तापमान बढ़ता ही जा रहा है तथा चुनाव प्रचार अपने चरम पर है. हर सियासी दल की तरफ से कोशिश की जा रही है कि वह जनता का भरोसा जीत सके तथा जनता उसको, उसकी पार्टी को वोट कर सके. लोकसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद्र (रिटा.) ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया तथा एक बार फिर से मोदी जी को प्रधानमन्त्री बनाने की अपील की. केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की मौजूदगी में लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद्र (रिटा.) बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की.

अकेले मंगल पाण्डेय ही नहीं , एक और सैनिक उसी समय चढ़ा था फांसी.. लेकिन वो दूसरा नाम मिटा दिया नकली कलमकारों ने

आपको बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद्र पूर्व सेना सेना उप प्रमुख भी रहे हैं. उन्होंने जनवरी 2017 से अपने रिटायरमेंट जून 2018 तक सेना उप प्रमुख का पद संभाला. बीजेपी में शामिल होते हुए उन्होंने बीजेपी को लेकर ऐसी बात कही, उसे सुन बीजेपी के कार्यकर्त्ताओं का सर गर्व से उंचा हो गया होगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी फौजी की पहली चॉइस है. लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद्र ने कहा कि कभी सोचा नहीं था पॉलिटिक्स जॉइन करूंगा, अभी जो समय है उसमें एक मजबूत लीडरशिप की ज़रूरत है. मैं प्रधानमंत्री से से प्रेरित हुआ और लगा कि देश की सेवा में जो सहयोग कर सकता हूं करना चाहिए.

आतंक के आकाओं को सुंघा दी गई है जमीन.. जो घूमा करता था कश्मीर में अब वही मीरवाइज पेश होगा दिल्ली में

उन्होंने कहा कि कि मेरा 39 साल का करियर रहा है, जितना बीजेपी ने फौज कर लिए किया है किसी और ने नहीं किया. बीजेपी किसी भी फौजी की पहली चॉइस है. उन्होंने कहा कि आज   देश की जो स्थिति है, उसे देखते हुए उन्हें लगता है कि देश के लिए पीएम मोदी जी सर्वश्रेठ विकल्प हैं तथा सिर्फ वही नहीं बल्कि बीजेपी  ही किसी भी फ़ौजी की पहली पसंद है. बता दें कि सरथ चंद को जून 1979 में गढ़वाल राइफल्स में नियुक्त किया गया था और पिछले साल 1 जून को भारतीय सेना के उपाध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे. वह सेना में कमान के हर चरण में सक्रिय युद्ध नेतृत्व की भूमिकाओं में रहे हैं.

3 दिन पहले ही M.Tech छात्र से आतंकी बने गद्दार को खोज निकाला सेना ने, फिर हुआ वो जो देश चाहता था

Share This Post