3 तलाक पर आला हजरत से आया वो संदेश जो किसी ने सोचा भी नहीं था.. ये होते हैं अटल फैसले

इस्लामिक कुरीति तीन तलाक के खिलाफ मोदी सरकार द्वारा बनाये गए कानून पर बरेली के आला हजरत दरगाह की तरफ से ऐसा बयान आया है, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. खबर के मुताबिक़, बरेली का दरगाह-ए-आला हजरत अब तीन तलाक पर फतवा जारी नहीं करेगा. केंद्र की मोदी सरकार द्वारा एक बार में तीन तलाक को अपराध बनाने वाले कानून के अमल में आने के मद्देनजर आला हजरत दरगाह की तरफ से यह फैसला किया गया है.

दरगाह-ए-आला हज़रत के प्रवक्ता मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा, “संसद द्वारा ट्रिपल तलाक पर रोक सम्बन्धी बिल पारित होने के बाद हमने यह तय किया है कि इस तरह के मामलों में कोई फतवा जारी नहीं करेंगे. हमारे द्वारा लिखित में कुछ भी नहीं दिया जाएगा. अगर कोई कानून का सहारा लेते हुए पुलिस या अदालत का दरवाजा खटखटाता है तो हम कानून की जटिल प्रक्रियाओं में फँस सकते हैं.” हालॉंकि यदि कोई सलाह मॉंगता है तो उसे कुरान और हदीस के मुताबिक राय दी जाएगी.

आइल अलावा आला हजरत दरगाह के प्रवक्ता मौलाना शहाबुद्दीन ने बिल के समर्थन में जो बात कही वो और अधिक चौंकाने वाली है. उन्होंने नए कानून की प्रशंसा करते हुए इसे मुस्लिम महिलाओं के हित में भी बताया है. उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह कानून तीन तलाक के मामलों को रोकने में मददगार साबित होगा. बता दें कि संसद से पास होने के बाद तीन तलाक को अपराध करार देने वाले ऐतिहासिक विधेयक को बुधवार 31 जुलाई को राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी मंजूरी दी थी. इस कानून को 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा। इस कानून के तहत 3 साल की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

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