बनिए कश्मीर में तैनात उस फ़ौजी की आवाज जिसकी जमीन कब्जाई जा रही है तेलंगाना में.. वो तेलंगाना जिसे ओवैसी मानता है अपना गढ़

जब बचपन में वह सेना के जवानों को वर्दी में देखता था तो उसके मन में भी आता था कि बड़ा होकर वह भी सेना में जाएगा, वर्दी पहिनेगा तथा देश की रक्षा के लिए अगर उसे अपनी जान भी देनी पड़ी तो वह पीछे नहीं हटेगा. सेना की वर्दी पहिनने के लिए उसने बचपन से ही मेहनत की तथा वह सेना में भर्ती भी हो गया. हर फ़ौजी की तरह उसने भी भारतमाता की सेवा में अपने जीवन की आखिरी बूंद तक बलिदान करने का संकल्प लिया. लेकिन आज वह दबंगों द्वारा कब्जाई गई अपनी जमीन वापस पाने के लिए रो रहा है तथा लोगों से अपील कर रहा है कि देश की जनता उसकी आवाज करे, उसकी मदद करे.

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मामला उस तेलंगाना का है, जिसे असदुद्दीन ओवैसी अपना गढ़ बताता है. जिस जवान की जमीन कब्जाई गई है, उसका नाम एस. स्वामी है. वह इस समय कश्मीर में तैनात है तथा इस्लामिक आतंकियों से लोहा रहा है. आर्मी जवान ने आरोप लगाया है कि उसके परिवार के छह एकड़ जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया है और उसके पिता को धमकी मिल रही है. उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि तेलंगाना के कमरेड्डी जिले में उसके पारिवारिक जमीन पर कब्जा कर लिया गया है.

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वीडियो में जवान कह रहे हैं, “हमारे देश में सभी लोग जय जवान, जय किसान कहते हैं, लेकिन किसानों और जवानों की संपत्ति के लिए किसी तरह की सुरक्षा नहीं है. यह आज मेरे साथ हुआ है और कल आपके साथ हो सकता है.” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उन्हें राजस्व विभाग व दूसरे जगहों से कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली. जवान ने इस आम लोगों से इस वीडियो को शेयर करने और इसे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव तक पहुंचाने की अपील की है.

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ये देश के लिए बेहद ही शर्म की बात है जो जवान अपनी जान पर खेलकर हमारी रक्षा में तैनात है, खुद उसका परिवार सुरक्षित नहीं है. जो जवान देश की रक्षा के लिए, देश की नागरिकों की रक्षा के लिए अपनी जान देने को तत्पर है, उसकी जमीन कब्जाई जा रही है, उसके पिता को धमकियां दी जा रही है. सुदर्शन तेलंगाना सरकार तथा भारत सरकार से निवेदन करता है कि वह जवान को न्याय दिलाएं, उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराएं. साथ ही एक अपील राष्ट्र की जनता से भी है कि वो भी अपने इस जांबाज जवान की आवाज बनें तथा इस खबर को शेयर कर सत्ताधीशों तक पहुंचाएं ताकि जवान को न्याय मिल सके.

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