महिला ही नहीं, आतंकी भी थी जिसके निशाने पर थे युवा… आतंक का खूबसूरत डिजिटल चेहरा

आतंकियों ने हिन्दुस्तान को तबाह करने का डिजिटल तरीका निकाला है जिसके तहत खूबसूरत महिलाओं को आतंक फैलाने का जिम्मा सौंपा गया है. आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक के जरिए युवाओं को आतंकवाद में खासकर जैश-ए-मोहम्मद में शामिल होने के लिए उकसाती थी. अधिकारियों ने बताया कि इस महिला की पहचान उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा इलाके के संबल क्षेत्र की शाजिया के रूप में की गई है. खुफिया एजेंसियों ने उसके फेसबुक अकाउंट पर काफी समय से नजर बनाए रखी थी, जिसके जरिए वह युवाओं को जिहाद में शामिल होने और हथियार उठाने के लिए उकसाती थी.

कश्मीर के नौगाम रेलवे स्टेशन से गिरफ्त में आई महिला आतंकी शाजिया ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं. वह युवाओं को आतंकी बनाने के लिए फेसबुक का सहारा लेती थी. घाटी में कई युवक उसके संपर्क में आकर आतंकी बन चुके हैं. वहीं, पुलिस के कई राज भी शाजिया आतंकियों तक पहुंचाती थी. उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा जिले के सुंबल क्षेत्र निवासी शाजिया पर सुरक्षा एजेंसियों की काफी समय से नजर थी. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि शाजिया ने अनंतनाग जिले के दो युवाओं को हथियार और गोला बारूद भी दिया था. किसी को शक न हो इसलिए वह पुलिस से कई बार यह कह कर मदद लेती थी कि आतंकियों को पकड़ने के लिए उनकी सहायता करेगी.

पता चला है कि आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद हिजबुल मुजाहिदीन में युवाओं को शामिल करने के लिए शाजिया ने काफी काम किया. पुलिस जांच में यह सामने आ रहा है कि आतंकी, शाजिया से पुलिस के बारे में सूचनाएं हासिल करते थे. वहीं, अभी तक पूछताछ में कुछ आतंकी कमांडरों के नाम बताने के अलावा उसने कुछ नहीं बताया है. बता दें कि शाजिया से पहले 28 साल की आसिया जान को भी पुलिस आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने पर गिरफ्तार कर चुकी है. आसिया श्रीनगर में ही 20 गे्रनेड लेकर जा रही थी.

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