ये लोकतंत्र की सबसे सुंदर तस्वीर होगी जब पाकिस्तान से धर्म बचा कर आये हिंदू पहली बार डालेंगे वोट.. पहले बांग्लादेशियों के बनते थे वोटर कार्ड

2019 के लोकसभा चुनावों में लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब सामने आयेगी जब इस्लामिक जिहादियों की अंतहीन प्रताड़ना झेलने के बाद पाकिस्तान से भारत आये हिन्दू हिंदुस्तान की सरकार चुनने के लिए वोट डालेंगे. ये वो लोग हैं जिन्हें पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने अंतहीन प्रताड़ना दी, हिंदुत्व को त्याग इस्लाम अपनाने का दवाब डाला लेकिन इन लोगों ने अपने पूज्य हिन्दू धर्म को नहीं छोड़ा…अपना घर छोड़ दिया, दुकान-मकान छोड़ दी लेकिन सनातन धर्म को नहीं छोड़ा तथा ये लोग भारतमाता की गोद में शरण लेने के लिए हिन्दुस्तान चले आये तथा अब हिंदुस्तान की सरकार को चुनने के लिए वोट डालने को लेकर उत्सुक हैं.

पाकिस्तान के जिस व्यक्ति ने जल्लाद ओसामा को कभी शरण दी थी.. जानिये इमरान खान ने उसका क्या किया?

आपको बता दें कि गुजरात में रह रहे लगभग 600 हिंदू शरणार्थी भारतीय नागरिकता मिलने के बाद पहली बार वोट डालेंगे. पाकिस्तान से आए इन शरणार्थियों को 2015 के बाद से ही नागरिकता प्रदान की गई है. इन शरणार्थियों ने मोदी सरकार के प्रति क्रेज नजर आ रहा है और खुलकर उनका समर्थन करते नजर आ रहे हैं. बता दें कि 2016 में केंद्र सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों- हिंदुओं और सिखों को नागरिकता जारी करने की प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण किया था.

चुनौती बीजेपी को या किसी और को भी ? 200 साल बाद भी नहीं हटा पाओगे धारा 370

मीडिया सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़, 2007 तक पाकिस्तान के कराची में रहने वाले राजकोट के निवासी धानजी बागरा ने कहा है कि वह लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है. उन्होंने हमें यहां की नागरिकता दिलवाई और रोजगार दिलवाए. हम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का समर्थन नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया है बल्कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो हमें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. हालात ऐसे आ गए थे कि हम यहां से कहीं और जाने पर विचार कर रहे थे तब प्रधानमंत्री मोदी जी ने उनकी सुनी तथा उनको नागरिकता रोजगार मुहैया कराया.

बांग्लादेशियों को बुलाया गया था प्रचार के लिए.. पहले एक वापस किया गया था, अब दूसरे के लिए आया नया आदेश

पेशे से मोची बागरा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ 2007 से राजकोट में रह रहे हैं लेकिन उन्हें इस साल मार्च में ही वोटर आईडी कार्ड दिए गए हैं. बागरा ने बताया कि मैं कराची में अपने परिवार का भरण-पोषण आसानी से कर सकता था लेकिन वहां पर हमें खतरा था. एक बार जब हमारे घर को हथियार से लैस गुंडों ने लूटा तो मेरी मां जिनका जन्म गुजरात के कच्छ में हुआ था, उन्होंने मुझे भारत लौटने को कहा. बागरा अब राजकोट के भागवाती पारा के पास फुट ओवर ब्रिज पर जूतों को ठीक करने का काम करते हैं और परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं. उन्होंने आगे बताया ‘जब हम भारत आए तो हमें लॉन्ग टर्म वीजा (एलटीवी) दिया गया था. हमें रोजगार की तलाश थी लेकिन जब हम किसी को भी यह बताते थे कि हम पाकिस्तान से आए हैं तो कोई हमें नौकरी पर नहीं रखता था. हमारे पास भारत की सिर्फ एक पहचान थी कि हम महेश्वरी समुदाय से हैं. फिर मोदी सरकार आई और हमें भारत की नागरिकता दी गई.
एक और हिंदू शरणार्थी 52 वर्षीय नंदलाल मेघनानी ने कहा कि उनका वोट सिर्फ भाजपा को ही जाएगा. सिंध प्रांत के इस्लामकोट से गुजरात आए नंदलाल ने कहा कि सिर्फ मोदी ने ही हमारी आवाज सुनी. वर्ना हमें भारतीय नागरिकता मिलने में कम से कम 15-20 साल और लग जाते. अहमदाबाद के वाटवा में रहने वाले कृष्ण महेशवरी और उनकी पत्नी मिरान को पिछले साल दिसंबर में नागरिकता दी गई. इस दंपत्ति ने कहा कि वह अपने समुदाय के नेताओं से पूछकर ही अपना वोट देंगे. हालांकि हमें अभी तक वोटर कार्ड तो हासिल नहीं हुए हैं लेकिन हमारा इरादा साफ है कि हम मोदी से खुश हैं तथा उनके साथ हैं.
गुजरात के मणिनगर में रहने वाले 21 वर्षीय पृथ्वी महेशवरी ने कहा कि उन्हें अभीतक वोटर कार्ड नहीं मिला है. मैंने फरवरी में इसके लिए अप्लाई किया था लेकिन मुझे अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है. अभी भी ऐसे कई लोग हैं जो अपने वोटर कार्ड का इंतजार कर रह हैं.
वोटर कार्ड बनने में इतना समय क्यों लग रहा है? इस पर अहमदाबाद के अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी चेतन गांधी कहते हैं, “हमारे विशेष पंजीकरण अभियान के दौरान स्कूलों में पंजीकरण कराने वालों का डेटा तुरंत दर्ज करना संभव नहीं है. पिछले साल 15 अक्टूबर तक हमारा पहला पंजीकरण हुआ था और 31 जनवरी को मतदाता सूची जारी की गई थी. 25 मार्च को आवेदन की अंतिम तिथि के साथ एक दूसरा अभियान शुरू किया गया था. हम इसपर लगातार काम कर रहे हैं तथा वोटर कार्ड उपलब्ध कराए जायेंगे.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने व हमें मज़बूत करने के लिए आर्थिक सहयोग करें।

Paytm – 9540115511

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW