अब गाँवों में नहीं घूम पायेंगे धर्मान्तरण के ठेकेदार.. धर्म से अधर्म की राह ले जाने वालों की राह जायेगी जेल की तरफ

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद केंद्र की मोदी सरकार अब धर्मान्तरण विरोधी बिल लाने की तैयारी कर रही है. धर्मान्तरण विरोधी कानून बनाने के पीछे केंद्र सरकार की सोच है कि इससे जबरन तथा लालच देकर धर्मान्तरण पर रोक लगेगी तथा धर्मान्तरण के ठेकेदार गाँव गाँव घूमकर गरीब लोगों को लालच देकर एक साजिश के तहत उनका धर्मान्तरण नहीं करा सकेंगे. संसद के आगामी सत्र में इस बिल के लाये की संभावना है.

दरअसल हिन्दू संगठनों से जुड़े लोग बहुत पहले से मुद्दे को उठाते आये हैं. देशभर के विभिन्न हिस्सों से अक्सर धर्मान्तरण की ख़बरें सामने आती हैं जहाँ जहाँ डराकर, धोखे या लालच देकर गरीब अशिक्षित लोगों का धर्मान्तरण कराया जाता है. मोदी सरकार 1 में संसदीय कार्य मंत्री रहे वेंकैया नायडू ने सभी दलों से धर्मांतरण पर एक राय से कानून बनाने की अपील भी की थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया था. अब नई सरकार में मोदी सरकार फिर इस बिल को पेश करने की सोच रही है.

इसे लेकर अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि देश के कई राज्यों में हिंदू पहले ही अल्पसंख्यक हो चुके हैं इसके बावजूद बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन हो रहा है. लक्षद्वीप और मिजोरम में हिंदू अब मात्र 2.5% तथा नागालैंड में 8.75% बचे हैं. मेघालय में हिंदू अब 11%, कश्मीर में 28%, अरुणाचल में 29% और मणिपुर में 30% बचे हैं और जिस प्रकार से बहुत ही सुनियोजित ढंग से धर्म परिवर्तन हो रहा है यदि उसे नहीं रोका गया तो आने वाले 10वर्षों में स्थिति अत्यधिक भयावह हो जायेगी. भारत विरोधी शक्तियां धर्म परिवर्तन के माध्यम से पूरे हिंदुस्तान में हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाना चाहती हैं.

उपाध्याय ने कहा कि नब्बे के दशक तक धर्मांतरण कराने वाली संस्थायें गाँव के गरीब किसान मजदूर दलित शोषित और पिछड़ों को ही टारगेट करती थीं लेकिन आजकल इन्होंने कस्बों और शहरों में भी अपना जाल बिछा लिया है. उत्तर पूर्व के राज्यों में धर्मांतरण कराने के लिए हिंदू नहीं बचे हैं इसलिए ये संस्थायें अब उत्तर प्रदेश बिहार और मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्यों में गरीबों का धर्मांतरण कर रहीं हैं. पिछले 10 साल में इन्होंने हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में भी किसान मजदूर दलित शोषित और पिछड़ों को टारगेट करना शुरू कर दिया है. देश की राजधानी में भी बहुत ही सुनयोजित तरीके से अंधविश्वास द्वारा धर्मांतरण का खेल चल रहा है.

अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने इसे लेकर पार्टी फोरम पर भी आवाज उठाई है तथा पीएम मोदी को पत्र भी लिखा था. उन्होंने कहा कि अब जानकारी मिली है कि मोदी सरकार अगले सत्र में धर्मान्तरण विरोधी क़ानून लाने पर विचार कर रही है जो बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब तक धर्मांतरण कराने वालों और अंधविश्वास फ़ैलाने वालों की 100% संपत्ति जब्त कर इन्हें आजीवन कारावास नहीं दिया जायेगा तब तक धर्म-परिवर्तन और अंधविश्वास को रोकना नामुमकिन है.

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