कांग्रेसियों के बाद अब वामपंथी भी सेना के विरोध में. सेना प्रमुख को औकात में रहने की चेतावनी दे रही विचारधारा

सीपीआई नेता बृंदा करात ने आर्मी चीफ को सलाह देते हुए कहा कि क्या केंद्र सरकार ने उन्हें इस तरह के बेतुके बयान देने का प्रमाण पत्र दिया हुआ है आए दिन वो कुछ न कुछ बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि आर्मी चीफ जो कहना चाह रहे हैं मैं समझती हूं यह बिल्कुल गलत था और इस प्रकार का बयान हमारे देश के आर्मी चीफ को बिल्कुल शोभा नहीं देता। इस प्रकार के बयानबाज़ी से उन्हे बचना चाहिए।

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करात ने कहा कि अगर इस प्रकार के बयान दिए जाएंगे तो जाहिर है कि साथ में 10 सवाल भी उठेंगे तो यह आर्मी की क्रेडिबिलिटी और आर्मी चीफ की क्रेडिबिलिटी पर निश्चित रुप से नुकसान पहुंचाता है, इसलिए आर्मी चीफ को खुद पर नियंत्रण करना चाहिए। इसके साथ ही करात ने इलेक्शन कमीशन के मुद्दे पर कहा कि अगर वास्तव में इलेक्शन कमीशन को लगता है कि उसकी प्रतिष्ठा को हानि पहुंची है तो वे कोर्ट का रास्ता अपना सकता है। 
लेकिन मुझे नहीं लगता कि चुनाव आयोग को अभी ऐसी किसी शक्तियों की ज़रूरत है। इलेक्शन कमीशन के क्या सुझाव है उसकी डिटेल अभी तक हमारे पास नहीं आई है लेकिन जितना मैंने अभी तक पढ़ा है इस आधार पर मैं यह समझती हूँ कि इलेक्शन कमीशन कंटेंट के संदर्भ में जो लिख रहे हैं, हमारी पार्टी नहीं समझती कि इस समय वह बहुत आवश्यक है।
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