हमारी सरकार है केंद्र में, इसलिए श्रीराम मंदिर के पक्ष में आया सुप्रीम फैसला.. बीजेपी सांसद के दावे से सनसनी


अयोध्या में श्रीराम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम फैसला आने पर बीजेपी सांसद के बयान के बाद देश की सियासत में तूफ़ान आ गया है. बीजेपी सांसद ने दावा किया है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम फैसला इसलिए आया है क्योंकि केंद्र में बीजेपी की सरकार है. ये बयान गुजरात की भरूच सीट से बीजेपी सांसद मनसुख वसावा ने कहा है. गुजरात की भरूच सीट से सांसद मनसुख वसावा ने गुरुवार शाम को अपने संसदीय क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या मामले के खत्म होने और मंदिर के पक्ष में फैसला जाने का श्रेय बीजेपी सरकार को जाता है, ऐसा हुआ क्योंकि दिल्ली में अपनी सरकार है.

बीजेपी सांसद के इस बयान के बाद खलबली मच गई है तथा विपक्ष हमलावर हो गया है. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय राज्‍य मंत्री रह चुके मनसुख वसावा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा, अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला गया है. ये फैसला रामलला के पक्ष में इसलिए आया क्योंकि केंद्र में अपनी (भाजपा) सरकार है. राम मंदिर से जुड़ा मुद्दा सालों पुराना था, कितने साल बीत गए. देश की आजादी से पहले से ये मामला चल रहा था. कई तरह के आंदोलन हुए लेकिन अब इसका निपटारा हुआ. भारतीय जनता पार्टी की सरकार के केंद्र में होने के कारण ही सुप्रीम कोर्ट को मंदिर के पक्ष में फैसला देना पड़ा.

विपक्षी कांग्रेस ने वसावा के इस बयान की निंदा की है और उनसे माफी मांगने को कहा है. कांग्रेस ने मनसुख वसावा पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया है. भरूच कांग्रेस अध्यक्ष परिमल सिंह राणा ने वसावा को आड़े हाथ लेते हुए उनसे माफी की मांग की। राणा ने कहा, ‘यह दावा करके कि फैसला इसलिए दिया क्योंकि केंद्र में बीजेपी है, क्या वसावा सांप्रदायिक तनाव भड़काना चाहते थे? हम उनके बयान की निंदा करते हैं और उनसे माफी की मांग करते हैं.

इसके बाद वसावा ने विवाद को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि वह केवल यह रेखांकित कर रहे थे कि फैसले के बाद बीजेपी ने किस तरह से कानून व्यवस्था की स्थिति संभाली. उन्होंने कहा, ‘आप इसकी कल्पना कर सकते हैं कि यदि बीजेपी उत्तर प्रदेश और केंद्र में सत्ता में नहीं होती तो क्या स्थिति होती. कई स्थानों पर हिंसा भड़क सकती थी लेकिन जबसे बीजेपी सत्ता में है, ऐसी कोई घटना नहीं हुई. बीजेपी की सरकार होने के कारण फैसला आने के बाद वातावरण शांतिपूर्ण रहा.’


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