भाई था IPS लेकिन वो बना गद्दार.. अब भारतीय सेना ने पहुंचा दिया जहन्नुम

मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के शोपियां में जांबाज भारतीय सेना ने जिन तीन आतंकियों को मार गिराया था, उसमें से एक आईपीएस अधिकारी का भाई था. शमसुल हक नमी नामका यह आतंकी श्रीनगर के जकुरा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एशियन मेडिकल साइंस से बीयूएमएस की पढ़ाई कर रहा था. अपने कॉलेज से कहीं गायब हो गया था. इसके बाद बुरहान वाणी की बरसी पर उसकी बंदूक के साथ शमशुल एक तस्‍वीर काफी तेजी से वायरल हुई. इसके कुछ दिन बाद हिज्‍बुल ने सोशल मीडिया पर शमसुल की एक फोटो वायरल की जिसमें उसके आतंकी संगठन में शामिल होने की तारीख 25 मई, 2018 लिखी गई थी. इस फोटो में शमसुल ने अपने हाथ में एके 47 पकड़ी हुई थी.

बता दें कि शमसुल आईपीएस 2012 बैच के अधिकारी इनामुल हक का भाई था जोकि नॉर्थ ईस्ट में पोस्टेड हैं. कितने आश्चर्य की बात है कि एक भाई आईपीएस अधिकारी बन गया तो दूसरे ने देश के खिलाफ बन्दूक उठा ली. यहां ये भी सवाल खड़ा होता है कि आखिर वो कौन सी तालीम थी, जिसके कारण शमशुल ने मेडिकल साइंस की पढाई छोड़ दी तथा आतंकी बन गया. फिर आतंकी शमशुल के साथ सेना ने वही किया जो करना चाहिए था. सेना की बंदूकों से निकली गोलियों ने शमशुल को जहन्नुम पहुंचा दिया.

जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने ट्वीट कर कहा, “शम्सुल हक़ आईपीएस अधिकरी का भाई जो आतंकियों में शामिल हुआ था. शोपियां मुठभेड़ में मारेंगे आतंकियों में से एक है. मुझे याद है कि किस तरह उसके भाई और परिवार और जम्मू कश्मीर पुलिस ने उसे मुखीधरा में वापिस लेन की कोशिश की थी, मगर उसका दुखत अंत हुआ”. जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारी ने बताया, “उसके परिवार ने कई बार उसे सम्पर्क किया उसे समझया मगर वो वापिस लौटने के लिए तैयार नहीं हुआ”. शमस का ब्रेन वॉश इस तरह किया गया था कि वह एक के बाद एक आतंकी घटना में हिसा लेता गया. पुलिस के मुताबिक वह हथियार लूट और नए युवाओं का ब्रेन वॉश करने में माहिर हो गया था और कई आतंकी हमलों में भी उसका ना दर्ज हुआ था. और आखिरकार उसे एक मुठभेड़ में उसके अंजाम तक पहुंच गया

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