आयकर विभाग हुआ सख्त, बेनामी संपत्तियों पर चलाया चाबुक, अब तक 230 से ज्यादा केस दर्ज

नई दिल्ली : भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए केंद्र और आयकर विभाग सख्त हो गया है। नोटबंदी के बाद नए बेनामी लेनदेन कानून के तहत आयकर विभाग ने 230 से अधिक मामले दर्ज किए हैं और देशभर में 55 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला लागू करने के दौरान बेनामी संपत्ति कानून को भी लागू किया था। 
भ्रष्टाचार के खिलाफ इसे एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। बेनामी संपत्ति कानून नंवबर महीने में अस्तित्व में आया है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने के बाद भारी जुर्माने के अलावा 7 साल की सजा का प्रावधान है। रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी महीने तक 235 केस दर्ज किए हैं। जिसमें से 140 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। 
इन मामलों में करीब 200 करोड़ रुपए की संपत्ति का मामला है। वहीं, अन्य 124 मामलों में 55 करोड़ रुपए की सपंत्ति को अस्थाई तौर पर कुर्क किया जा चुका है। आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कि कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक खातों में जमा, कृषि और अन्य जमीन, फ्लैट और आभूषण शामिल हैं। 
पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने विज्ञापनों के जरिए लोगों को चेताया था कि वे पुरानी करंसी में अपना बेहिसाबी पैसा किसी अन्य के बैंक खाते में न जमा कराएं। इसमें कहा गया था कि इस तरह की किसी गतिविधि में बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून, 1988 के तहत आपराधिक मामला दायर किया जाएगा। यह चल और अचल संपत्ति दोनों के लिए होगा। देश में इस कानून को लागू करने के लिए आयकर विभाग नोडल एजेंसी है।
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