सेना और आतंकी दोनों को एक लाइन में खड़ा कर गए कांग्रेस के चिदंबरम .. सरकार को बोला शब्द सीधे सेना का अपमान

जब एक तरफ सेनाएं दूसरे देशों से आमना सामना करने के लिए तन कर खड़ी हों , एक तरफ जब हर राष्ट्रवादी कश्मीर से धारा 370 हटने का इंतज़ार कर रहा है , एक तरफ जब हर भारतीय का खून जवानो पर बरसते पत्थरों से खौल रहा हो , ठीक उसी समय कभी भारत सरकार का ही अंग रहा पूर्व वित्तमंत्री सेना और आतंकियों की सोच को एक जैसा घोषित कर दे तो इसको देश की राजनीति का अब तक का सबसे निम्नतम स्तर माना जाएगा को एक गंभीर दिशा में जाने का इशारा भी हो सकता है .

ज्ञात हो की कांग्रेस के पी. चिदंबरम ने कश्मीर मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है . उनका कहना है की केंद्र सरकार ने भी आतंकियों की ही तरह अतिवादी रुख अपना लिया है  . इस बयान के बाद केंद्र सरकार के आदेशों का पालन कर रही भारतीय फ़ौज सीधे सीधे निशाने पर आ गयी और उन पर झूठे आरोप लगाने वाले तमाम गद्दार पत्थरबाज और आतंकियों को एक प्रकार की राजनैतिक संजीवनी सी मिल गयी .. है .. कांग्रेस के सबसे कद्दावर नेताओं में से गिने जाने वाले चिदंबरम ने यह जहर ट्वीट कर के उगला है जिसमे उन्होंने कश्मीर की समस्या का जिम्मेदार सत्ता व् सेना के अकड़े रुख को बताया है .   

इस मुद्दे पर उन्होंने सेना और अधर्सैनिक बलों को लगातार पत्थर मारने वालों की परोक्ष रूप से तारीफ करते हुए कश्मीरियों को बेचारे तक कह डाला जिन्हे उन्होंने सेना और आतंकियों के बीच पीस रहा बेचारा घोषित कर दिया .. चिदंबरम ने सीधे सीधे इस बात को कहने की कोशिश की है की सेना और सरकार को आतंकियों से बेहद नरमी से पेश आना चाहिए और अपने आक्रामक अभियान को थाम देना चाहिए .. इस अवसर पर चिदंबरम ने एक भी बार बुरहान और अफ़ज़ल के लिए होने वाली बंदी , ISIS के लहराने वाले झंडे ,  पाकिस्तान के लिए लगने वाले नारों पर बात नहीं की और उन्होंने सीधे सीधे केंद्र को निशाने पर लिए रखा .. 

यहाँ ध्यान देने योग्य ये भी है की जिस समस्या के लिए कट्टर इस्लामिक छवि की जानी जाने वाली महबूबा मुफ़्ती ने चीन व् पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है उसी समस्या के लिए अब कांग्रेस प्रत्यक्ष रूप से सरकार और परोसख़ा रूप से सेना को दोषी ठहरा रही है. चिदंबरम का ये बयान उस हालत में आ रहा है जब सीमा पार से पाकिस्तान लगातार गोली बारी और यहाँ तक की मोर्टार के हमले किये जा रहा है जिसमे हमारे जवान बलिदान होते जा रहे हैं . कांग्रेस के हाईकमान सोनिया या राहुल गांधी की तरफ इस मुद्दे पर कोई कमेंट ना आना साबित कर रहा है की वो इस घोर आपत्तिजनक मुद्दे पर चिदंबरम को मूक सहमति दे रहे हैं . 

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