उन्हें लगा कि CRPF चुप बैठ गयी और देश रो कर शांत हो गया .

ना CRPF चुप बैठी थी और ना ही देश शांत हुआ था . उनका भरम था वो और अब वो भ्रम टूटेगा . जब वो खुद पहुचायेगे अपने उस आका तक CRPF को जिसने रची थी ये रक्त रंजित खूनी साजिश जिसकी चपेट में आ गए थे हमारे 25 जांबाज़. 

ताजा सूत्रों के अनुसार CRPF ने 10 संदिग्ध नक्सलियों को गिरफ्तार किया है जिसमे से 4 सुकमा के हमले में शामिल थे . सुकमा से 20 किलोमीटर दूर चिंतागुफा की वारदात है ये . यहाँ पर इन सबको मीटिंग के लिए जमा होना था जहाँ ये जमा तो हुए पर सीधे आ गए सुरक्षा एजेंसियों के हाथों में . इस हमले के मुख्य मास्टरमाइंड हिड़मा अभी फरार है, पर वारदात में शामिल चार नक्सलियों द्वारा पूछताछ में उनके नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने में काफी मदद मिलेगी . गृह राजयमंत्री हंसराज हंस अभी सुकमा में हैं ..दिल्ली से राजनाथ सिंह और अजीत डोभाल इस विषय पर एक एक संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं .


ज्ञात हो की मोदी सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ आर पार की लड़ाई का पूरा मन बना लिया है . सुकमा में स्पेशल फ़ोर्स के जवान पहुंच रहे हैं . इस अभियान में हेलीकाप्टरों की भी मदद ली जायेगी . CRPF की मदद के लिए अत्याधुनिक सैन्य उपकरण सुकमा व आस पास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुचाये जा रहे हैं . नक्सलियों को चारों तरफ से घेरने के लिए CRPF की विभिन्न टुकड़ियों को अलग अलग जगह तैनात किया जा रहा है . 


शुरूआती जांच में नक्सलियों के मददगार कुछ गाँव वालो की भूमिका भी संदिग्ध दिख रही है . तमाम गांववालों ने नक्सलियों के आगे खड़े हो कर ढाल का काम किया और हमारा सैनिक मानवाधिकार के साथ तमाम नियमों में बंधा होने के कारण सम्भल कर मुकाबला करता रहा . बलिदानी सैनिको की बुलेट प्रूफ जैकेट आदि लूटने की वारदात में गाँव के कुछ लोगों की संलिप्तता पायी गयी है . 


CRPF के निशाने पर इनका मुकीय कमांडर हिड़मा है जिसने अब तक कई वारदातों को अंजाम दिया है जिसमे कांग्रेस के तमाम नेताओं का सामूहिक नरसंहार शामिल है जो सालवा जुडूम से जुड़े थे . 

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