शरीर से अक्षम हो चुके BSF जवान की अदम्य वीर गाथा सुन कर रो पड़े राजनाथ ..उठ कर लगा लिया उसे गले से

बलिदान का सम्मान ही आगे चल कर नए बलिदानी पैदा करता है , कभी कहा जाता था कि सेना में मरने और मारने के लिए लोग जाते हैं , आज उनका मंत्री उन्हें उठ कर गले लगा रहा है .. ये यक़ीनन बदलते भारत की तस्वीर है जिसे हर कोई राष्ट्रवादी अपने आंखों से देख सकता है  क्योंकि ये वही देश है जहां सत्ताधारी पार्टी के मुखिया पर आतंकियों के लिए फूट फूट कर रोने की घोषणा मंचो से की गई है ..

मामला था BSF के बलिदानियों और अदम्य साहस दिखा कर लड़े जवानों के सम्मान समारोह का . इसी में नम्बर आया एक वीर जवान गोधराज मीणा का,  जिसने 5 अगस्त 2014 को नरसू नाले के पास से जा रही BSF बस पर हुए दो आतंकियों के हमले के समय बेहद बहादुरी का परिचय दिया था और अपने अचूक निशाने से 2 आतंकियों को ढेर कर दिया था और जनता के साथ अपने 30 साथियों की जान बचा ली थी ..

इस मुठभेड़ में इस वीर जवान के ऊपर भी गोलियां बरसी जिसके बाद 44 वर्षीय इस बलिदानी का शरीर 85 % अक्षम हो गया ..आज बोल भी ना पाने वाले इस बलिदानी की गौरव गाथा सुन कर भारत सरकार के गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी भावुक हो उठे और इस वीर को वीरता मेडल पहनाने के बाद अपने गले से लगा लिया ..

अपने सर्वोच्च नायक गृह मंत्री द्वारा इस सम्मान को पाने के बाद जवान गोधराज मीणा के साथ वहां मौजूद लगभग सभी अधिकारियो की आंखें भर आईं और थोड़ी देर वो हॉल तालियों से गूंजता रहा .. BSF अधिकारियों का कहना है कि ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है और ये पल किसी भी सैनिक के लिए उसके सैन्य जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक होते हैं ..

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