१ साल से अपनी ही तीन बेटियों से हवस की आग बुझा रहा था जान मुहम्मद . बोला- तेरी माँ को मार डाला हूँ, तुझे भी मार दूंगा

पिता का साया किसी भी संतान के लिए कड़ी धूप में एक शीतल छांव जैसे होता है , पिता की छाया अपनी औलादों के लिए वो ढाल जैसी होती है जिसमे उनकी औलादें हर गम , हर भय और हर तकलीफ को भूल कर पूरी तरह से निश्चिन्त हो जाती हैं . पर तब उस संतान का क्या हाल होता होगा जिसका पिता दरिंदा बन जाए और अपनी पत्नी को मार कर अपनी हवस को अपनी ही बेटियों से पूरा करना शुरू कर दे वो भी तब जब उन बेटियों की आयु कानूनी और प्र्रकृतिक रूप से अपरिपक्व हो अर्थात उन्हें कानूनी भाषा में नाबालिग माना जाता हो . ऐसे ही एक मामला आया है प्रकाश में फरीदाबाद से …

फरीदाबाद से रिश्तों के साथ मानवता और रिश्तों को पूरी तरह कलंकित कर देने वाली एक घटना ने भारत को झकझोर कर के रख दिया है . यहाँ पर एक पाशविक और दानव के समान हरकत पर उतारू पिता अपनी ही 3 बेटियों को हवस का शिकार बनाना शुरू किया था और ये तब तक चला जब तक उन बेटियों ने खुद से अदालत में जा कर अपने पिता की शिकायत पुलिस वालों से नहीं कर दी .  दोनों बेटियों में एक सौतेली तथा एक अपनी सगी बेटी थी … इन सभी ने किसी तरह हवसी पिता के चंगुल से छूट कर पुलिस से अपने अलग अलग दर्द और व्यथा बयान किया और उस व्यथा को सुन कर पुलिस वालों की भी आँखों में आंसू आ गए …

महिला थाने की SHO सुशीला कुमारी ने बताया की आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है . बलात्कार पीड़िता बेटियों की आयु १४ से १६ साल के मध्य बताई जा रही है .. पुलिस की हिरासत में आते ही अचानक जान मुहम्मद गिड़गिड़ाने लगा और अपनी गलती की माफ़ी मांगने लगा . पीड़िता बच्चियां रो रो कर बता रही थी की उनका पिता अपनी हवस मिटाने के लिए उन्हें धमकी देता था की उनसे उनकी माँ का कत्ल कर रखा है और अगर वो उसके साथ हमबिस्तरी नहीं करती हैं तो वो उन्हें भी उनकी माँ की तरह मार डालेगा …लड़कियों की ये हालत देख कर वहां मौजूद सबकी आँखे भर आयी थी . 


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