३ तलाक कायम रहे इसके लिए किसी भी हद तक जा रहे हैं कपिल सिब्बल .. पहले दिया था श्री राम का उदाहरण, अब बीच में ले आये अटल बिहारी को

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है . ये भविष्य के गर्भ में है की तीन तलाक कायम रह पायेगा या इसे सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार समाप्त कर देगी पर नामी वकील , बड़े कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल का नाम तीन तलाक के लिए चले मुकदमे में तीन तलाक के लिए अर्थात १४०० साल से चली आ रही प्रथा को समाप्त करने में सदा सदा के लिए अमर हो जाएगा क्योंकि कपिल सिब्बल हर वो प्रयास कर रहे हैं जिस से तीन तलाक प्रथा किसी भी हालत में चलती रहे और इसका विरोध करने वाली सरकार और वो लाखों पीड़िताएं इस कुप्रथा के खिलाफ अपनी जंग हार जाएँ …

कपिल सिब्बल के तर्क में सबसे पहले अयोध्या और प्रभु श्री राम आये थे . उन्होंने औरतों को पीड़ा देने वाली इस कुप्रथा की तुलना पावन पुनीत कार्य कर के दुनिया को सही राह दिखा कर चले गए प्रभु श्री राम और उनकी अयोध्या से कर दी . भले ही तमाम कट्टरपंथी मुसलमान तीन तलाक पर सरकार और इसे खत्म करने की कोशिश कर रहे लोगो का विरोध कर रहे हों पर सहिष्णु हिन्दू समाज ने भगवान् श्री राम से की गयी तुलना पर खुद को शांत रखा …

अब कपिल सिब्बल अचानक ही तीन तलाक को कायम रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के नाम को बीच में ले आये .सिब्बल ने २००१ में कई दलों की गठबंधन से सरकार चलाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री के रुख का हवाला दिया और कहा की वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार अपनी ही पार्टी के 2001 में अटल बिहारी के नेतृत्व में तीन तलाक पर लिए गए रुख का विरोध कर रही है . उन्होंने तीन तलाक मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी की तटस्थता का उदाहरण दिया है . खास बात ये है की तीन तलाक कायम रहे इसके लिए ये कट्टर कांग्रेसी नेता ऐसे तथ्यों को सामने रख रहा है जिसका उन्होंने और उनकी पार्टी ने सदा ही विरोध किया है .

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