कांग्रेसी राष्ट्रपति प्रत्याशी मीरा कुमार के पिता का राजनैतिक जीवन तबाह किया गया था सेक्स स्कैंडल में फंसा कर .. पता है किसने ?


विपक्ष के तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार से जुड़ा यह बात पढ़कर आप चौंक जाएंगे।  मीरा कुमार के सगे  भाई सुरेश से जुडी यह खबर है जो कभी अपने उम्र से बीस  साल छोटी बच्ची के साथ कुकर्म किया था जिसका खामियाजा उनके पिता को राजनैतिक जीवन में भुगतना  पड़ा था । तबके समय कई मैगज़ीन में उस सेक्स स्कैंडल का जिक्र हुआ था।  बताते चले कि राष्ट्रपति  पद के लिए सोमवार को मतदान हो गया। मुकाबला एनडीए के रामनाथ कोविंद और यूपीए की उम्‍मीदवार मीरा कुमार के बीच है। इन दोनों दलित नेताओं की किस्‍मत का फैसला 20 जुलाई को होना है। हालांकि, कोविंद की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

मीरा कुमार की बात करें तो उनके लिए यह चुनाव लड़ने का फैसला आसान नहीं था। मीरा कुमार अपने विनम्र स्‍वभाव और बेदाग छवि के लिए जानी जाती हैं। उनके पिता और कांग्रेस के कद्दावर नेता बाबू जगजीवन राम का राजनीतिक जीवन भी ऐसा ही था, लेकिन एक सेक्‍स स्‍कैंडल के चलते उनके जीवन भर की कमाई हुई ‘राजनीतिक पूंजी’ नष्‍ट हो गई थी। ये सब हुआ था एक सेक्‍स स्‍कैंडल की वजह से, वो सेक्‍स स्‍कैंडल देश का पहला सेक्‍स स्‍कैंडल था। विवाद में फंसे थे बाबू जगजीवन राम के बेटे और मीरा कुमार के भाई सुरेश राम। उस सेक्‍स स्‍कैंडल को छापने वाली मैग्‍जीन का नाम था ‘सूर्या’, जिसकी एडिटर थीं मौजूदा केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी।

तब डिप्‍टी पीएम थे मीरा कुमार के पिता जगजीवन राम आपातकाल के बाद 1977 में आम चुनाव हुए थे। इंदिरा गांधी को देश पर इमरजेंसी थोपने का खामियाजा उठाना पड़ा था और पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार अस्तित्‍व में आई थी। मोरारजी देसाई देश के प्रधानमंत्री बने थे और बाबू जगजीवन राम ने डिप्‍टी पीएम का पद संभाला था। जगजीवन राम ने कांग्रेस का दामन छोड़कर जनता पार्टी का हाथ थामा था। इस बात से इंदिरा गांधी उनसे बहुत नाराज थीं। उस वक्‍त के कई बड़े पत्रकारों का यह भी दावा है कि मेनका गांधी ने ‘सूर्या’ मैग्‍जीन में सेक्‍स स्‍कैंडल का खुलासा किया था, इंदिरा के इशारे पर ही किया था।  1978 में छपा था वो चर्चित सेक्‍स स्‍कैंडल।  

1978 में मेनका गांधी की ‘सूर्या’ मैग्‍जीन में बाबू जगजीवन राम के बेटे सुरेश राम का ‘सेक्स स्कैंडल’ प्रकाशित किया गया था। इसमें कई तस्‍वीरें छपी थीं, जिनमें मीरा कुमार के भाई- सुरेश राम  को एक यंग कॉलेज स्‍टूडेंट के साथ आपत्तिजनक अवस्‍था में दिखाया गया था। रिपोर्ट में दावा किया था कि उस वक्‍त सुरेश राम की उम्र 46 वर्ष थी और लड़की उनसे 20 साल छोटी थी।   तस्‍वीरें देखकर खुशवंत सिंह ने किया  था कामसूत्र का जिक्र।  उस वक्‍त कांग्रेस के अखबार नेशनल हेराल्‍ड के संपादक कोई और नहीं बल्कि खुशवंत सिंह थे। उनके मुताबिक, एक दिन वो दफ्तर में बैठे थे, और उनके पास एक एनवलप आया, जिसमें नौ तस्‍वीरें थीं। कई और अखबारों के दफ्तरों में उन आपत्तितनक तस्‍वीरों को भेजा गया था, लेकिन उन्‍होंने इन तस्‍वीरों को नहीं छापने का फैसला किया था। तब खुशवंत सिंह ने कहा था कि अगर कामसूत्र की 64 पोजिशन होती हैं तो इस स्‍कैंडल में 9 थीं।  

तस्‍वीरों को लेकर सामने आए कई तथ्‍य इन तस्‍वीरों का लेकर भी कई प्रकार की बातें सामने आईं। किसी ने कहा था कि तस्‍वीरें रियल नहीं थीं, बल्कि उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी, तो कुछ पत्रकारों ने यह भी कहा कि तस्‍वीरें खुद सुरेश राम ने खींची थी। बहरहाल, सच चाहे जो भी हो, पर जगजीवन राम का पॉलिटिकल करियर इस स्‍कैंडल से खत्‍म हो गया था। उनकी बेटी मीरा कुमार ने लंबे समय से कांग्रेस में हैं, वह लोकसभा स्‍पीकर भी रह चुकी हैं और विवादों से दूर रहने में काफी हद तक सफल भी रही हैं।


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