गाय , गंगा और पावन ग्रन्थ गीता का भी उड़ा दिया मज़ाक .. ये क्षमा करने योग्य नहीं


दुनिया मे सर्वविदित है कि सत्य सनातन का मुख्य आधार है गाय , गंगा और गीता ..इन तीनों के बिना ना राष्ट्र का आधार है और ना ही धर्म का … हिंदुओं में ये तीनों ही सर्वमान्य और परमपूज्य हैं …

पहली बार किसी राजनैतिक व्यक्ति के अपनी कुंठित मानसिकता को खुले तौर पर प्रदर्शित करते हुए मात्र विरोध की राजनीति करते हुए गाय ,गंगा और गीता के साथ धर्म को भी निशाने पर ले लिया ..उस कुंठित मानसिकता के नेता का नाम पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री बिहार के बाद घोटालों के सिद्ध दोष अपराधी लालू प्रसाद यादव …

हत्या , आतंक की प्रतिमूर्ति शहाबुद्दीन से बाअदब ,बा मुलाहिज़ा पेश आने वाले लालू प्रसाद यादव नरेंद्र मोदी के तीन साल की उपलब्धि पर बोलते हुए अचानक मोदी विरोध से हिंदुत्व के विरोध पर पहुच गए .. जिस देश मे अपने से बड़े के नाम के आगे श्री और नाम के पीछे जी लगाने का रिवाज हो उस देश मे लालू ने हिंदुत्व के पावन प्रतीकों का खुला उपहास उड़ाया …

मोदी की 3 साल की उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने गाय के साथ चाय , गीता के साथ फ़ीता , गंगा के साथ दंगा शब्द जोड़े ..उन्होंने धर्म के भरम शब्द भी प्रयोग किया … लालू यादव की इस बेहद घृणित हरकत से सत्य सनातनी बेहद आक्रोश में हैं पर लालू यादव ऐसे बयानों से मुस्लिम वोट बैंक की फसल काटने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं..


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