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फ़िरोज़ मीडिया नई दिल्ली से छापने जा रहा वो किताब जिसमे भारतीय सेना को दिखाया जाएगा क्रूर हत्यारा, लुटेरा और बलात्कारी

उस सोच को क्या कहा जाय जिसमे भारत के ही टुकड़े को भारत मे ही मिलाने के लिए बलिदान की हद को पार करने वाली फौज को लुटेरा , हत्यारा , बलात्कारी सिर्फ इसलिए बताया जाए क्योंकि उसने एक जिद्दी और सनकी निज़ाम की अक्ल को ठिकाने लगा दिया हो ..

1948 में जब पाकिस्तान परस्त हैदराबाद के निजाम ने अपनी कट्टर इस्लामिक सोच के चलते भारत मे हैदराबाद} के विलय को अस्वीकार कर दिया था तब सरदार बल्लभभाई पटेल जी ने सैन्य कार्यवाही करते हुए हैदराबाद के सनकी निज़ाम को घुटनों के बल बैठाते हुए हैदराबाद को भारत मे मिलाया था .. उस सनकी और पाकिस्तान परस्त निज़ाम की सोच आज़ भी ओवैसी बन्धुओं में यदा कदा दिख जाया करती है ..

यद्द्पि 1948 में हैदराबाद का भारत मे मिलना हर राष्ट्रप्रेमी के लिए गर्व और गौरव का क्षण है और रहेगा पर कुछ नफ़रत भरे दिलों में वो आग आज भी जिंदा है जिसे भड़काने की हर कोशिश की जा रही है .. हैदराबाद के एक बुजुर्ग तथाकथित लेखक सैयद अली हाशमी ने भारतीय फौज का हैदराबाद में घुसने की घटना को बेहद हृदय विरादक ढंग से प्रस्तुत कर के एक किताब की शक्ल दी है ..

हैदराबाद विलय की जिस घटना को प्रत्येक राष्ट्रभक्त गौरव के क्षण मानता है उस पुस्तक में इस घटना को “पुलिस कार्यवाही ” का नाम दिया गया है . एक समाचार पत्र के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस पुस्तक में बताया गया है कि किस प्रकार भारत की फ़ौज हैदराबाद में घुसी फिर मुसलमानों का कत्लेआम हुआ , घरों को लूटा गया और औरतों का बलात्कार किया गया ..

हैदराबाद के बुजुर्ग द्वारा बोये गए जहर के इस बीज को रोपने का काम करेगा दिल्ली का फ़िरोज़ मीडिया जिसमे उस समय की भारत सरकार को भी हैदराबाद पर तमाम प्रतिबन्ध लगाने के लिए क्रूर शब्द से सम्बोधित किया गया है . हैदराबाद के निजाम को इसमें बेहद स्वाभिमानी और स्वच्छ छवि वाला पेश करते हुए उनकी भारतीय फौज के हाथों हार की वजह उनके ही विश्वासघाती सहयोगियों को बताया गया है .. इस पुस्तक में किसी जांच आयोग का भी हवाला दिया गया है जिसकी जांच में कुछ भी नहीं निकलने की बात बताई गई है ..

भारत की सेना और भारत की सरकार के ख़िलाफ़ जहर उगलती इस जहरीली 300 पेज की इस पुस्तक की शुरुआती कीमत रखी गयी है मात्र 275 रुपये.  ख़ास बात ये है कि इस जहर को फैलाने के लिए तत्काल अमेज़न जैसे ऑनलाइन कम्पनियों से साठ गांठ भी कर ली गयी है …

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