ओवैसी की सेना के जवानों को खुली चुनौती ..पढ़िए और सेना नहीं आप जवाब दीजिये..

एक तरफ हर जवान के बलिदान के बाद भारत मे एक आश के साथ धर्मनिष्ठ और राष्ट्रप्रेमी जनता चुप रह जाती है कि आज नहीं तो कल आतंकवाद नाम के ये जहरीला पेड़ जरूर सूख जाएगा और कश्मीर फिर से स्वर्ग बन कर भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा .. वहीं दूसरी तरफ भारत की ही जनता द्वारा भारत के ही संसद में भेजे गए अपने जहरीले बयानों के लिए कुख्यात असदुद्दीन ओवैसी ने उसी सेना के साथ भारत की करोड़ों जनता के भावनाओं को चुनौती दे डाली है ..

अपने नए बयान में ओवैसी ने सेना को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि —  ” सेना कुछ समय के लिए आतंकवाद को दबा कर जरूर रख सकती है ,पर आतंकवाद को खत्म नहीं कर सकती “।।

अपने जहरीले बयान में और जोड़ते हुये ओवैसी ने आगे सेना द्वारा चलाये जा रहे तलाशी अभियान पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस से हालात बिगड़ रहे हैं .. 

सुदर्शन न्यूज का सवाल है यहां कि भारत की वो कौन सी मजबूरी है जिस के चलते भारत को ऐसे राजनेता झेलने पड़ रहे हैं ? वो कौन से नियम हैं जिनके चलते हमें ऐसे जहरीले बयान सुनने को मिल रहे हैं ??  सेना की रणनीति क्या हो , सेना की युद्ध नीति क्या हो क्या अब ये निर्धारण ओवैसी जैसे लोग करेंगे ???

Share This Post