हिंदुत्व के रंग में रंगने को बेताब हैं राहुल गांधी.. अब पोस्टरों में पंडित राहुल गांधी लिखा दिखा

राजनीति में परिवारवाद एक ऐसा विषय है जो भारतीय राजनीति को खोखला कर रहा. जिस तरह से लगातार राहुल गाँधी हारते जा रहे थे उससे साफ़ अंदाजा लगाया जा रहा था कि कुछ तो बदलाव होगे पर वैसे भी सारा कार्यभार वो ही सँभालते थे और उनको अध्यक्ष बनाना कोई चौकाने का विषय नहीं था अब नए “पंडित राहुल गांधी” के पोस्टर क्या कांग्रेस अपनी छवि सुधारने के लिए है ? क्या कांग्रेस मान गई है कि वो हिन्दू विरोधी है ? कांग्रेस लंबे समय से कमान संभालने बाले अध्यक्ष की तलाश कर रही थी।

अब उनकी खोज राहुल गाँधी के रूप में ख़त्म हो गई। पार्टी ने राहुल के अध्यक्ष बनने के साथ ही राहुल के नाम के आगे पंडित शब्द लगाया और यह राहुल के पोस्टरों में देखने को मिला। राहुल गाँधी जल्द ही कांग्रेस के अध्यक्ष बनने वाले है और राहुल गाँधी ने इसके लिए कांग्रेस पार्टी से नामांकन पर्चा भरा जिससे कांग्रेस पार्टी कार्यकरतावो ने बिना चुनाव के राहुल गाँधी को कांग्रेस के अध्यक्ष मान लिया है। अब कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यलय के बाहर जश्न मनाने लगे है और कांग्रेस के अध्यक्ष बनने से पार्टी के नेताओ में खुशी है।

कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी को 2019 के लोकसभा चुनाव में देश के पीएम मानने लगे है। बता दें कि राहुल के ताजपोशी के साथ आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी के कमान संभालने वाले है और इसके लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। राहुल के अध्यक्ष बनने के फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओ में उत्साह बना हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि 2017 में राहुल अध्यक्ष और 2019 में पीएम बनने जा रहे है। पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओ ने 2019 पीएम वाला पोस्टर लगया और राहुल को बधाई दी।

\विदित हो कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पार्टी मुख्यालय के बाहर जो पोस्टर लगवाएं हैं उनमें लिखा है, ‘2017 में कांग्रेस अध्यक्ष और 2019 में भारत के प्रधानमंत्री’. इन पोस्टरों में गौर करने वाली बात यह है कि राहुल के नाम के आगे ‘पंडित राहुल गांधी’ लिखा है। पोस्टरों में देखा जा सकता है कि ये पोस्टर हरियाणा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगवाए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस पार्टी के प्रचार पोस्टरो में कभी भी राहुल के आगे पंडित शब्द नहीं जोड़ा गया था।

लगता अब राहुल गाँधी ब्रहाम्णो के श्रेणी में आना चाहते है तभी तो राहुल गाँधी चुनाव में पंडित नाम का सहारा ले रहे है। बल्कि तथ्य यह बताते हे कि राहुल गाँधी के दादा फिरोज गाँधी थे। जब से राहुल गाँधी गुजरात के सोमनाथ मंदिर से आये है तब से राहुल बड़े ही धार्मिक प्रवर्ति हो गए है.तभी वे हर जगह अपने धर्म का प्रचार कर रहे है। दरअसल, सोमनाथ दौरे के बाद एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें राहुल के गैर-हिंदू रजिस्टर में दस्तखत थे.

जिसपर बीजेपी की ओर से उनपर निशाना साधा गया था. बढ़ते विवाद के बाद कांग्रेस ने सफाई दी थी कि राहुल ना सिर्फ हिंदू हैं, बल्कि जनेऊधारी हिंदू हैं. ऐसे में यह भी उसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

राहुल गाँधी ने गुजरात के मंदिर भर्मण पर कहा था कि “सोमनाथ में हुए विवाद के धर्म पर उठे सवालों को लेकर राहुल का भी एक बयान सामने आया था. जिसमें वह कह रहे थे कि वो और उनका परिवार शिवभक्त हैं. लेकिन वह इसको लेकर राजनीति नहीं करते हैं। “

बता दें कि राहुल ने सोमवार को कांग्रेस के अध्यक्ष बनने का पर्चा भर दिया है और इस समय पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे. अब उनका अध्यक्ष बनना तय है. ऐसे में कार्यकर्ताओं ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

मधुसूदन मिस्त्री कांग्रेस नेता के जानकारी अनुसार राहुल के आलावा किसी ने नामांकन नहीं भरा और अभी तक अध्यक्ष पद के समर्थन में 89 नामांकन भरे गए। राहुल गाँधी के समर्थन में 890 प्रस्तावक है। इससे यह तो तय है कि राहुल गाँधी ही कांग्रेस के अध्यक्ष बननेगे। राहुल गाँधी कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद “पंडित राहुल गाँधी” के नाम से जाने जाएंगे। 

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