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रिहाई मंच नाम का संगठन खड़ा हुआ UP – ATS के ख़िलाफ़. खुलेआम कर रहा आतंकियों की पैरवी

शायद ही किसी और जगह किसी को इतनी छूट हो कि वो खुलेआम स्वीकार करने वाले आतंकियों के समर्थन में उस पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दे जिसने भारतवासियो को आतंक के प्रकोप से बचाने के लिए दिन रात एक कर रखी हो .. 

आतंक और आतंकी के ख़िलाफ़ वर्तमान समय मे सबसे द्रुत गति से हावी हो रही उत्तर प्रदेश ATS का मनोबल तोड़ने की गम्भीर साजिश रच रहा है आतंकियों की खुली पैरवी करने वाला रिहाई मंच नाम का एक संगठन . इस संगठन ने आतंक के  लगभग हर उस मामले में संदेह जाहिर किया है जिसमे पुलिस या सेना ने अपनी जान पर खेल कर आम जनमानस की रक्षा किसी आतंकी को मार कर या गिरफ्तार कर के की हो …

रिहाई मंच अधिकतर मुस्लिम संदिग्ध आतंकियों की आवाज को उठाता है और इस बार उसने फिर से कोशिश की है सैफुल्लाह के मौत को मुद्दा बनाने की . कानपुर से शक के घेरे में आये आतिफ़ से पूछताछ करना भी इस संगठन को नहीं भा रहा है . आतिफ़ की साज़िश से ट्रेन ब्लास्ट के पीड़ित लोगों का एक बार भी नाम तो दूर संवेदना भी ना प्रकट करने वाले रिहाई मंच ने आतंक के शक में आये आतिफ़ को ही मासूम , बेचारा और अच्छा बच्चा बना कर पेश करना शुरू कर दिया है ..

बेहद अफसोस का विषय ये है कि आतंकियों की पैरवी में रिहाई मंच जांबाज़ पुलिस के जवानो को दोषी ठहराने पर तुला हुआ है . रिहाई मंच के शोएब के अनुसार ATS आतिफ़ को बार बार पूछताछ के लिए बुला रही है ,, (क्या पुलिस को किसे कब बुलाये , किसे ना बुलाये ये रिहाई मंच से पूछना चाहिए ?)

रिहाई मंच के मुताबिक इस से उसका व्यापार आदि बर्बाद हो रहा है ( ट्रेन ब्लास्ट में जो पीड़ित हैं उनका तो सब कुछ बर्बाद हो गया )

रिहाई मंच ने उत्तर प्रदेश ATS पर अमानवीय कार्य मे संदिग्ध आतिफ़ को अमानवीय प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है ..जबकि ATS ने इन सबके मुखिया सैफुल्लाह को भी सरेंडर का मौका दिया था ..

आतंक से हर नियम , हर कानून के दायरे में रह कर भारत और भारतवासियों की रक्षा कर रही हमारी जांबाज़ पुलिस पर आतंकियों के समर्थन में इस प्रकार के आरोप लगाने से जनता व प्रबुद्ध वर्ग काफी आहत व नाराज़ है ,, साथ ही जनता आतंकियों की खुली पैरवी करने वाले ऐसे संगठन की उत्तर प्रदेश में उपस्थिति से भी अचंभित है …

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