मात्र 1 किलोमीटर थी सेना की चौकी लेफ्टिनेंट फय्याज के रिश्तेदार के घर से.. सेना बोली — किसी एक ने भी सूचना दी होती तो उन सबको मार कर बचा लेते अपने साथी को

सेना के जांबाज़ लेफ्टिनेंट कुलगाम निवासी फ़ैयाज़ के मामले मे जो खुलासा हो रहा है वो बेहद अप्रत्याशित और अचंभित करने वाला है …

बताया जा रहा है कि जांबाज़ लेफ्टिनेंट की हत्या के पीछे उनका ही कोई करीबी हो सकता है ,उनकी पल पल की लोकेशन कोई आतंकियों को दे रहा था और शायद उन आतंकियों में से कोई उनके किसी रिश्तेदारों का परिचित भी था ..

बताया जा रहा है कि आतंकी लेफ्टिनेंट की रिश्तेदार की शादी में ही आ गए थे , उस समय फय्याज ऊपर थे ,, कहा जाता है कि आतंकी दूल्हे से मारपीट कर रहे थे और फय्याज का पता पूछ रहे थे … फय्याज खुद नीचे आ गए और शादी ठीक से हो वो आतंकियों के पास पहुच गए .. लोगों ने लेफ्टिनेंट को आतंकियों के साथ जाने भी दिया बिना विरोध के क्योंकि उन्हें आतंकियों पर विश्वाश था कि वो थोड़ी बहुत मार पीट कर लेफ्टिनेंट फय्याज को छोड़ देंगे ..

आतंकियों ने उनसे साथ चलने को कहा तो वहां के स्थानीय किसी ने भी मात्र 1 किलोमीटर दूर मौजूद सेना की चौकी को खबर तक नहीं किया , जबकि जब आतंकी शादी में आये थे और फैयाज़ का पता पूछ रहे थे तब ही सेना को बताया जा सकता था और फौज की टुकड़ी को मात्र कुछ मिनट ही लगते वहां पहुँचने में ..

सवालों के घेरे में हैं वहां मौजूद वो तमाम लोग जिन्होंने मात्र एक फोन भी कुछ ही मिनट की दूरी पर मौजूद सेना की चौकी पर करना उचित नहीं समझा जबकि सेना का मानना है कि यदि अपहरण के बाद भी उन्हें सूचना दी जाती तो भी वो इलाके को घेर कर आतंकियों को मार गिराती ..

आखिर में कुछ दिन बाद लेफ्टिनेंट की लाश मिली ..

सवालो के घेरे में वो तमाम हैं जिन्होंने उस शादी में शिरकत की और सेना से ज्यादा आतंकियों पर विश्वाश दिखाया जो एक जांबाज़ अफसर के बलिदान की वजह बना …. ये जांच भी चल रही है कि क्या लेफ्टिनेंट किसी अपने की ही गद्दारी से वीरगति पाए ।।।

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