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सुप्रीम कोर्ट ने कहा,”कुरान में 3 तलाक होगा तो उसे मानेंगे.., तो रामायण में साफ़ लिखा है कि प्रभु श्रीराम अयोध्या में जन्मे थे, उसे क्यों नहीं मानते? – सुरेश चव्हाणके

मित्रों ,

तीन तलाक की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी है , सुप्रीम कोर्ट में बार बार दलील दी जा रही है कि तीन तलाक इस्लामी मज़हब का अंग है .. जिसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि –

“यदि तीन तलाक आपके मज़हब का अंग हुई और वो कुरान में लिखी होगी तो सुप्रीम कोर्ट उसे मान लेगा “…

मैं सुरेश चव्हाणके माननीय न्यायालय को श्रीरामचरितमानस और रामायण से वो सारे अंश दिखाने और सप्रमाण देने को भी तैयार हूँ जिसमे अयोध्या हमारे प्रभु श्रीराम की है और बना दिया गया विवादित स्थल हमारे आराध्य श्रीराम की जन्मभूमि ..

क्या क़ुरान पर दिखाई जा रही  आस्था माननीय न्यायालय रामायण और श्रीरामचरितमानस पर भी दिखाएगा ??

यदि धर्म मे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं है तो हमारे राम के जन्मस्थान की सुनवाई निचली अदालत से ले कर सुप्रीम कोर्ट तक क्यों करवाई गई ?

क्या सुप्रीम कोर्ट क़ुरान के समकक्ष रामायण या श्रीरामचरितमानस को नहीं मानता ??

मैं जनता जनार्दन से निवेदन करता हूँ कि वो मेरी आवाज बनें .. यदि सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक पर क़ुरान को मानने के लिए तैयार है तो श्रीरामजन्मभूमि के विषय मे रामायण और श्रीरामचरित मानस को क्यों नहीं ??

निश्चित रूप से मेरे इस प्रश्न का उत्तर कानून मंत्रालय से ले कर उच्चतम न्यायालय को देना ही पड़ेगा …. 

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