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विश्व हिन्दू परिषद् की मांग . मुलायम पर भी चले कारसेवकों के नरसंहार का केस

बाबरी का नाम आने के बाद जो माहौल बना दिया गया है उसमे गुंबद पर चढ़े कारसेवक और जय श्री राम बोल रहे उग्र हिन्दू ही सबकी निगाह में आते हैं . कभी किसी ने भी इसके दूसरे पहलू में झाँकने की कोशिश नहीं जहाँ नंगे पैर भाग रहे बदहवास श्रद्धालु , दया की भीख मांग रही औरतें और अपनी जान बख्स देने की दुहाई देते हुए तमाम निहत्थे लोग . इसके इतर खून से सनी सड़कें और लहू लुहान सरयू का जल जिसमे तमाम लाशें बिना अंतिम संस्कार के बहा दी गयी थी ..

बाबरी ध्वंस को गुनाह मान कर तमाम नेताओं पर तो आपराधिक केस चलवाने की संस्तुति तो कर दी गयी है पर अभी तक उन दर्दनाक चीखों और लावारिश लाशों पर किसी ने भी बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी . पहली बार किसी ने आवाज उठाई है उन लावारिश चीखों के लिए जो लगभग 27 सालों से अयोध्या की सड़कों पर सुनाई दे रही हैं. विश्व हिन्दू परिषद् ने अयोध्या में निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां बरसा कर उन्हें मौत के घात उतरवा देने का आदेश देने वाले मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर के उन्हें दंड देने की मांग की है .

विश्व हिन्दू परिषद् के रामविलास दास वेदांती व् शरद शर्मा ने ये मांग अयोध्या में एक बैठक में की . उन्होंने कहा की यदि गोलियां ना चलती तो हिन्दुओं में आक्रोश ना आता और वही आक्रोश अंत में बाबरी के ध्वंस का कारण बना . विश्व हिन्दू परिषद् ने साफ़ कहा की केस मुलायम पर चले ना की साधु संतों पर . विश्व हिन्दू परिषद् ने कहा की तब के रचे गए कुचक्र के कारण ही अब के साधू संतों और धर्मनिष्ठों को प्रताड़ना मिल रही है . 

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