पी. चिदंबरम की जमानत रोकने के लिए सीबीआई ने अदालत को जो भी बताया वो सब कर सकते हैं चिदंबरम

भ्रष्टाचार के आरोपों में तिहाड़ जेल में बंद कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. चिदंबरम के वकील सुप्रीम कोर्ट में पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कैसे भी करके भ्रष्ट चिदंबरम को जमानत मिल जाए तो वहीं सीबीआई चिदंबरम की जमानत का पुरजोर विरोध कर रही है. आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सीबीआई ने कोर्ट से कहा है कि गंभीर अपराध के आरोपी होने व दोषिसिद्धी की संभावना का आभास होने की वजह से चिदंबरम देश छोडकर भाग सकते हैं, लिहाजा उनको जमानत न दी जाए.

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि चिदंबरम के पास किसी दूसरे देश में अनिश्चतकाल तक समय बिताने के लिहाज से संसाधन हैं, इसलिए मुकदमा पूरा होने तक उन्हें जमानत पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए. अगर ऐसा हुआ तो चिदंबरम विदेश भाग सकते हैं. सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आर्थिक अपराध देश की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं और चिदंबरम को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि एजेंसी ने उनसे हिरासत में पूछताछ के दौरान उनके सामने सबूत रखे और यदि उन्हें छोड़ा जाता है तो वह गवाहों को प्रभावित करेंगे.

तुषार मेहता ने कहा कि चिदंबरम की ओर से सोशल मीडिया पर कई ट्वीट किये गये हैं. मेहता ने दलील दी, ”एक और मुद्दा चिदंबरम द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़ा है। उनके ट्वीट करने की बात सामने आती है या कोई और उनकी ओर से ट्वीट कर रहा है. यह मामला जांच को और प्रभावित करने की कोशिश दर्शाता है. प्रभावशाली लोग ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अपने खिलाफ कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं.

सुनवाई की शुरुआत में चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें अपने मुवक्किल से निर्देश मिले हैं कि वित्त मंत्री के पास सैकड़ों लोग आते हैं और उन्हें आईएनएक्स मीडिया से संबंधित प्रतिनिधिमंडल के बारे में कुछ याद नहीं है. उन्होंने कहा, ”मैं (चिदंबरम) कभी कहीं इंद्राणी मुखर्जी से नहीं मिला. लॉग बुक में आगंतुकों के प्रवेश की जानकारी होगी. मैं लॉग बुक को मानूंगा.” इस पर सीबीआई के वकील तुषार मेहता ने कहा कि चिदंबरम ने इंद्राणी से मुलाकात की थी और जांच के दौरान उन्हें पता चला कि वित्त मंत्री के दफ्तर का आगंतुक रजिस्टर उपलब्ध नहीं है तथा उसे हटा दिया गया है लेकिन उनके पास उस कार की जानकारी है जिससे इंद्राणी और उसके पति पीटर होटल से चिदंबरम के दफ्तर गये थे.

उन्होंने कहा कि जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि मामला आरोपपत्र से पूर्व के स्तर पर है और जांच जारी है. उन्होंने चिदंबरम को अग्रिम जमानत नहीं देने के उच्चतम न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों का जिक्र किया. मेहता ने कहा, ”मैं यह नहीं कह रहा कि चिदंबरम जिम्मेदार और सम्मानित व्यक्ति नहीं हैं. जमानत पर गायब हो जाने के खतरे का व्यक्ति की व्यक्तिगत ईमानदारी से कोई लेनादेना नहीं है. बड़े कारोबार चलाने वाले सम्मानजनक और जिम्मेदार लोगों के देश से भाग जाने के उदाहरण रहे हैं.

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