अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में CBI की दस्तक …JNU के बाद AMU के सच आ रहे सामने

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में वित्तीय गड़बड़ी और नियुक्ति-प्रमोशन फर्जीवाड़े समेत अन्य आरोपियों की शुरुआती सीबीआई जांच में सहायक वित्त अधिकारी

नियुक्ति का मामला फर्जी पाया गया है। इस मामले में आरोपी अधिकारी, तत्कालीन कुलपति और वित्त अधिकारी के खिलाफ सीबीआई की देहरादून शाखा में

मुकदमा दर्ज किया गया है।

आपको बता दे कि मुकदमे के बारे में पूछे जाने पर एएसपी सीबीआई अखिल कौशिक ने इसकी पुष्टि की।

उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के खिलाफ सवा करोड़

रुपये की वित्तीय गड़बड़ी, नियुक्ति-प्रमोशन में फर्जीवाड़े समेत दस सूत्रीय शिकायत मिली थी। शिकायतों की जांच बीते वर्ष जुलाई में दून शाखा में तैनात सीबीआई

इंस्पेक्टरनसीम अहमद को सौंपी।

उनकी जांच में सिर्फ सहायक वित्त अधिकारी सकायब अर्सलन की नियुक्ति का मामला गलत पाया गया है। इस पर सीबीआई की दून शाखा में सहायक वित्त

अधिकारी अर्सलन के साथ ही तत्कालीन कुलपति नसीम अहमद और वित्त अधिकारी यासमीन जलाल बेग के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 120 बी (नियुक्ति

में षड्यंत्र रचने) और धारा 13(2), 13(1)डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

आरोपी अधिकारियों के खिलाफ मुदकमे की जांच भी इंस्पेक्टर टीपी देवरानी ही

करेंगे।

वही फर्जीवाड़े की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने यूनिवर्सिटी को नोटिस भेजकर नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। जिनमे नियुक्तियों के आवेदन,

चयन और अयोग्य ठहराए गए आवेदकों की सूची भी शामिल है। इसके साथ ही सीबीआई ने यूनिवर्सिटी में बजट खर्च के दस्तावेज भी जांच के मंगाए थे। जिनकी

गहन पड़ताल के बाद यह मामला दर्ज किया गया है। फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज भी जांच के बाद सीबीआई के कब्जे में हैं।

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