ईसाई प्रतिनिधि ने लगाई गुहार.. बचा लो हमारी बच्चियों को मुसलमानों से.. भारत की एक दुर्लभ घटना

अभी तक जब भी हिन्दू संगठन लव जिहाद के खिलाफ बात करते थे तब हमेशा कथित सेक्यूलरों तथा बुद्धिजीवियों द्वारा हिन्दू संगठनों पर निशाना साधा गया, हिन्दू संगठनों को नफरत का सौदागर बताया गया.. लेकिन अब हिन्दू संगठनों के लव जिहाद के खिलाफ अभियान पर मुहर लगाई है ईसाई समुदाय द्वारा. ईसाई प्रतिनिधि ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अपील की है कि वह ईसाई बच्चियों को मुस्लिमों के चंगुल से बचाएं, उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.

खबर के मुताबिक़, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष जॉर्ज कुरियन ने ईसाई लड़कियों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा है कि ईसाई लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है. कुरियन ने कहा है कि मालूम पड़ता है कि ईसाई समुदाय इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए एक सॉफ्ट टारगेट है. लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है.  कुरियन ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) से इस मामले की जांच कराने की मांग की है.

अपने एक पेज के पत्र में कुरियन ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि गृह मंत्रालय इस खतरनाक प्रवृत्ति पर ध्यान दे और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को जांच का आदेश दे. साथ ही कट्टरपंथी तत्वों की ऐसी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रभावी कानून लाए. कुरियन का ये बयान दो ईसाई परिवारों की शिकायतें मिलने के बाद आया है. अपने पत्र में जॉर्ज कुरियन ने दो घटनाओं का हवाला दिया. एक घटना कोझिकोड की है, जिसमें ईसाई कॉलेज की छात्रा के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया. आरोपी ने कथित रूप से वारदात का वीडियो भी बनाया और फिर धमकी देकर पीड़ित को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया.

जॉर्ज ने अपने पत्र में दावा किया है कि केरल में ईसाई लड़कियों को लव जेहाद का शिकार बनाया जा रहा है और विगत सात वर्षों में चार हजार ईसाई लड़कियां लव जिहाद का शिकार हो चुकी हैं। मंत्रालय को लिखे गए पत्र में कुरियन ने कहा है कि केरल में ईसाई लड़कियां लव जिहाद का सबसे सरलता से  शिकार बन रही हैं. उन्होंने अपने पत्र में केरल बिशप कैथोलिक कॉन्फ्रेंस की तरफ से तैयार एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि साल 2005 से लेकर साल 2012 तक चार हजार ईसाई लड़कियों को ‘लव जिहाद’ में फंसाया गया है.

दो घटनाओं का हवाला देते हुए कुरियन ने लिखा है कि

पीड़िता के माता-पिता ने 19 वर्षीय जसीम के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया. आरोपी को कोझिकोड के एक कोचिंग सेंटर में पीड़िता का ही सहपाठी बताया गया. पीड़िता के पिता द्वारा की गई शिकायत के मुताबिक, उनकी बेटी अपने दो दोस्तों के साथ 7 जुलाई को शहर के सरोवरम बायो थीम पार्क गई थी और वहां जसीम से मुलाकात हुई थी. पिता ने आगे आरोप लगाया कि उनकी बेटी को बाद में पार्क की एक इमारत में नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसका यौन शोषण किया गया. आरोपियों ने छात्रा को ब्लैकमेल करने के लिए पूरी घटना का वीडियो भी बनाया. जसीम ने कथित तौर पर वीडियो के साथ ब्लैकमेल किया और छात्रा को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया.

उन्होंने गृहमंत्री शाह को लिखा है कि कि दूसरा मामला दिल्ली की एक लड़की का था, जिसका पश्चिम एशियाई देश में कथित रूप से अपहरण किया गया था. कुरियन ने कहा कि लड़की के माता-पिता ने शिकायत की कि हो सकता है कि लड़की को गुमराह और दिमागी रूप से परेशान किया गया हो. कुरियन ने बयान में कहा कि माता-पिता द्वारा व्यक्त की गई आशंकाएं गलत नहीं हैं. अतीत में इसी तरह के मामले आए हैं. रिपोर्ट्स में बताया गया था कि केरल से आईएस में शामिल होने वाले 21 लोगों में से 5 ईसाई धर्म से परिवर्तित किए गए थे.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW