Breaking News:

पादरियों पर #MeToo लगते ही बुद्धिजीवी वर्ग और बॉलीवुड में छाई खामोशी… 7 साल तक पादरियों पर बलात्कार का आरोप

बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाये जाने के बाद #MeToo कैंपेन की आग फिल्म जगत के अलावा अन्य क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों तक पहुँच चुकी है. मी टू अभियान की इस जद में अब दो ईसाई पादरी भी आये हैं जिन पर एक ईसाई महिला ने वर्षों तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. ये आरोप  मेघालय में कैथोलिक चर्च के दो पादरियों पर लगा है. उक्त महिला ने शुक्रवार को फेसबुक पर अपनी आपबीती पोस्ट की तथा बताया कि किस तरह पादरियों ने उसका यौन शोषण किया.

इस पोस्ट में महिला ने क्रिश्चियन ब्रदर्स के फ्रांसिस गेल और डॉन बॉस्को ग्रुप के मस्कट को आरोपित किया है. महिला ने बताया है कि वह तीन बार आत्महत्या का प्रयास भी कर चुकी हैं, लेकिन काउंसलिंग के बाद वह तीन साल पहले इस प्रवृत्ति से छुटकारा पा चुकी हैं. उन्होंने बताया कि जब वह पांच साल की थीं तब फ्रांसिस गेल ने उनका यौन शोषण करना शुरू कर दिया था. उन्होंने जब अपने परिजनों को इस बारे में बताया तो उन्होंने उनकी ही पिटाई कर दी. 12 साल की उम्र तक यह सिलसिला जारी रहा. उसके बाद उन्होंने साहस करके और गर्भवती होने के डर से किसी तरह फ्रांसिस गेल से मिलना बंद कर दिया. फ्रांसिस अब पश्चिम बंगाल में रहता है.

एक अन्य दूसरे बलात्कारी पादरी मस्कट के बारे में महिला ने लिखा है कि मिठाइयां और टॉफियां देने के बहाने वह उन्हें अपनी बड़ी डेस्क के पीछे बुला लेते थे और उसके बाद यौन दु‌र्व्यवहार करते थे. इसके बारे में वह इसलिए कुछ नहीं बोल पाईं, क्योंकि उसी दौरान वह फ्रांसिस गेल से उससे बड़ा यौन शोषण झेल रही थीं. महिला ने कहा कि वो मस्कट द्वारा किए गए दुव्यवहार के बारे में किसी से बात नहीं कि क्योंकि वह फ्रांसिस गेल को फेस कर रही थी. महिला ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा है कि मीटू कैंपेन के बाद उसको उम्मीद जगी है कि उसको न्याय मिलेगा. महिला फिलहाल पश्चिम बंगाल में रहती है. वही पदरी मस्कट डॉन बोस्को समूह का पादरी है और शिलांग में तैनात है.

Share This Post