कांग्रेसी गालियों का उत्तर श्रीरामचरित मानस की चौपाइयों से दिया भाजपा के मुख्यमंत्री ने … दुनिया ने देखा संस्कारो का फर्क

खुद को सभ्य इंसान कहने वाला अगर खुले आम किसी को गालिया दें या अपशब्द कहें तो क्या वह असल में सभ्य कहलाने योग्य है? ये सवाल कांग्रेस से पूछने

की आवश्यकता है क्योंकि उनके कद्दावर नेता सभ्यता का चोगा पहन कर असभ्यता फैला रहे है. ऐसा कर नेताओं की छवी गलत तरह से समाज में पेश कर रहे है.

हाल ही में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी जी के लिए सोशल मीडिया पर अपशब्द कहे है. जिसपर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने

मोदी जी के जन्मदिन पर इंदौर नगर निगम के आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस की गालियों का उत्तर श्रीरामचरित मानस की चौपाइयों से दिया.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोंग्रेसिया मनीष तिवारी के आपत्तिजनक ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “इस स्तर पर उतरना समाज के किसी

सभ्य व्यक्ति का काम नहीं है. अगर कांग्रेस नेता इस तरह की हरकतें कर रहे हैं, तो उन्हें जान लेना चाहिये कि​ सूरज पर थूकने से सूरज का कुछ नहीं बिगड़ेगा.’

उन्होंने कांग्रेस की गालियों का उत्तर श्रीरामचरित मानस की चौपाइयों से देते हुए कहा, “जाको प्रभु दारुण दु:ख दे​हि, ताकि मति पहले हर लेहि (जिस व्यक्ति को ईश्वर को बड़ा

दु:ख देना होता है, ईश्वर उसकी सोचने-समझने की शक्ति पहले ही छीन लेता है). कांग्रेस की स्थिति इसी तरह की हो गई है’.

बता दें कि मनीष तिवारी से पहले कांग्रेस वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी प्रधानमंत्री पर अप्पतिजनक टिप्पणी की थी जिसपर शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिकिर्या

देते हुए कहा “उनकी ​बुद्धि पर हम क्या टिप्पणी करें. प्रभु उन्हें सदबुद्धि दें.” कांग्रेस नेताओं का इस तरह का व्यवहार उनकी मानसिकता को झलका रहा है. कहते

है कि एक महा पुरुष वही है जो किसी भी परिस्थिति में सूज भूझ से काम ले और अपना आपा न खोये। लेकिन क्या खुद को महान बताने वाले कांग्रेस की ये

हरकते किसी तरह से महानता दर्शा रही है?

     

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