रामायण और महाभारत को हिंसा का प्रमाण बता रहा वो वामपंथी जिसके नाम में ही है माता सीता व प्रभु श्रीराम का नाम..

उसके नाम में जगत जननी माँ सीता तथा प्रभु श्रीराम का नाम जुड़ा हुआ है लेकिन इसके बाद भी उसके मुख से हिन्दू, हिन्दू आस्थाओं के खिलाफ ही शब्द निकलते हैं. हिन्दुओं तथा हिन्दू आस्थाओं के खिलाफ जहर उगलने वाला ये वामपंथी नेता कांग्रेस का भी करीबी है तथा इसने अब पावन हिन्दू धर्मग्रन्थ रामायण तथा महाभारत के खिलाफ बयान दिया है. अफ़सोस की बात ये है कि वामपंथी नेता ने ये बयान कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में दिया है.

रामायण तथा महाभारत के खिलाफ बयान देने वाले इस कांग्रेसी नेता का नाम है सीताराम येचुरी. मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने हिंदुओं पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि क्या हिंदू हिंसक नहीं है का दावा सही है ? येचुरी ने रामायण और महाभारत का हवाला देते हुए कहा, ‘रामायण और महाभारत भी लड़ाई और हिंसा से भरी हुई थीं, लेकिन एक प्रचारक के तौर आप सिर्फ महाकाव्य के तौर पर उसे बताते हैं, उसके बाद भी दावा करते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं है.

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी का कहना है कि रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों से सिद्ध होता है कि हिंदू भी हिंसक हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत हिंसक घटनाओं के उदाहरणों से भरे पड़े हैं. आरएसएस प्रचारक एक तरफ इन ग्रंथों का उदाहरण देते हैं और फिर कहते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं हो सकते. इस बात के पीछे आखिर क्या लॉजिक है कि धर्म विशेष के लोग ही हिंसा करते हैं और हिंदू नहीं? सीताराम येचुरी के इस बयान के बाद उनकी जमकर आलोचना हो रही  है तथा लोग उन्हें रामायण व महाभारत के मूल को समझने की नसीहत दे रहे हैं.

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