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संबित पात्रा के हाथों में भगवान् की मूर्ति का विरोध करने वाली कांग्रेस के नेता के मजार पर चढ़ाई चादर

टेंपल रन खेल रहे राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की कांग्रेस की वास्तविकता क्या है? हिन्दुओं को आतंकी बताने वाली कांग्रेस क्या अब बदल चुकी है तथा वास्तव में हिन्दू हितैषी बन चुकी है, इसका जवाब खुद कांग्रेस के नेताओं के आचरण से सामने आ रहा है कि कांग्रेस हिन्दुओं को लेकर अपनी मानसिकता कभी नहीं बदल सकती.

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कांग्रेस की ये मानसिकता उस समय सामने आ गई जब भगवान जगन्नाथ की भूमि ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी डॉ. संबित पात्रा के हाथ में भगवान जगन्नाथ की मूर्ति का विरोध करने वाली कांग्रेस पार्टी के नेता ने रात में मजार पर जाकर चादर चढ़ाई. जब डॉ. पात्रा के हाथ में कांग्रेस ने भगवान जगन्नाथ की मूर्ति देखी तो कांग्रेसी भड़क गये तथा चुनाव आयोग में उनकी शिकायत की. लेकिन कांग्रेस का दोहरा चरित्र देखिये, इसके बाद भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह रायसेन की पीर फतेह उल्लाह शाह साहब की दरगाह पर बुधवार तड़के 3 बजे पहुंचे और चादर चढ़ाकर जीत की दुआ मांगी.

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इससे पहले दिग्विजय सिंह दिन में मंदिर पहुंचे थे तथा ये सन्देश देने की कोशिश की थी कि कांग्रेस हिन्दू आस्थाओं का सम्मान करती है. लेकिन इसके बाद वह रात को तीन बजे दरगाह पहुँच गये तथा चादर चढ़ा क्र जीत की दुआ माँगी. सवाल यहां ये खडा होता है कि आखिर दिग्विजय सिंह रात को चादर चढ़ाने क्यों पहुंचे? जिस तरह वह दिन में मंदिर गये, उसी तरह चादर चढ़ाने के लिए भी वह दिन में जा सकते थे, लेकिन उन्होंने रात का वक्त क्यों चुना? इससे भी बड़ा सवाल ये है कि संबित पात्रा के हाथ में भगवान की मूर्ति का विरोध करने वाली कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह जब दरगाह पर चादर चढाते हैं, तो इसका आशय माना जाए?

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