कांग्रेस नेता के बेटे का हत्यारा निकला बसपा का पूर्व विधायक जबकि दिल्ली में चल रही है गठबंधन की तैयारी

बड़ी अजीब विडम्बना थी ये दोनों नेताओं के लिए ही नहीं बल्कि दोनों पार्टियों के लिए भी क्योकि दिल्ली और लखनऊ में दोनों दलों के बीच में चल रही थी गठबंधन की बातें तो वहीँ लखनऊ से मात्र कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर हो रहा था वो सब जो दोनों दलों के बीच न सही पर दोनों दलों के नेताओं के बीच में चौड़ी कर रहा था खाई को . यहाँ पर कांग्रेस के नेता और बहुजन समाज पार्टी के नेता के बीच में चल रही थी ऐसी खून जंग को प्यासी थी एक दूसरे के खून की .

ज्ञात हो कि राजनैतिक जीवन से कहीं दूर व्यक्तिगत जीवन में आ रही दरारों का सबसे बड़ा उदाहरण बाराबंकी में देखने को मिला है . यहाँ पर चार साल पहले हुए चर्चित शिखर श्रीवास्तव हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपी बसपा के पूर्व विधायक डॉ. विजय कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.. पूर्व विधायक विजय कुमार मायावती के बेहद करीबी लोगों में गिने जाते हैं और उन्होंने विषम हालात में वो सीट जीत कर बसपा के खाते में डाली थी .

यहाँ सिर्फ बसपा के पूर्व विधायक ही जिम्मेदार नहीं है . यहाँ तक कि हत्यारोपी विधायक की तत्कालीन शिक्षाधिकारी पत्नी मृदुलानंद अभी भी पुलिस की पकड़ से फरार हैं। पुलिस उनकी भी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। ये पूरा मामला बाराबंकी के बदोसराय थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ हैं। यहां चार साल पहले 20 जनवरी 2015 की सुबह बरदरी के पास एक शव मिला था। जिसकी पहचान बहराइच जिले के निवासी कांग्रेस नेता के बेटे शिखर श्रीवास्तव के रूप में हुई थी। शिखर श्रीवास्तव के पिता ने उसी दिन थाना बदोसराय में तत्कालीन बसपा विधायक विजय कुमार और उनकी शिक्षाधिकारी पत्नी मृदुला आनंद पर मुकदमा दर्ज करवाया था।

इस मामले में कांग्रेस ने एकदम खामोश रुख अपनाए रखा था जिसके चलते चार साल बीतने के बाद मामले में पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला। यद्दपि इस मामले में कांग्रेस संसद से सडक तक मोब लिंचिग जैसे मामलों में शोर मचाती रही .. बाद में  इस मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाया और बाराबंकी पुलिस को दो हफ्ते में आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने आदेश दिया था कि अगर पुलिस ने दोनों को पेश नहीं किया तो 11 फरवरी को एडीजी कानून व्यवस्था को जवाब के लिए कोर्ट के सामने जाना पड़ेगा। कोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार बाराबंकी पुलिस ने आरोपी डॉक्टर विजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं उनकी पत्नी की तलाश जारी है।

Share This Post