श्रीराम के वजूद को नकारने वाले पाखंडियो से बच कर रहना… योगी का धर्म निष्ठों से आव्हान

एक तरफ कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप से पीछा छुड़ाना चाहती है । तो दूसरी तरफ राहुल गांधी द्विरका मंदिर के रंग में है और संघ परिवार हिन्दू राष्ट्र की

सोच तले मुस्लिम विरोधी होने के दाग को धोना चाहता है। वही राहुल गांधी अब गुजरात चुनाव में मंदिर दर मंदिर भटकते फिर रहे हैं।
 आपको बता दे कि गुजरात विधानसभा के प्रथम चरण के चुनाव के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राहुल गांधी पर जमकर बरसे।

राजकोट, भावनगर,

सुरेंद्रनगर और आनंद जिले की अलग-अलग विधासभाओं में हुई छह जनसभाओं में मुख्यमंत्री के निशाने पर राहुल ही थे। योगी ने राहुल का मंदिर-मंदिर बनाए

जाने को घोर पाखंड बताया और कहा कि उनकी पार्टी तो भगवान श्रीराम के वजूद को ही नकार चुकी है। सुब्रमण्यम स्वामी ने जब राम सेतु को तोड़े जाने का

विरोध किया था तब कांग्रेस ने ही सुप्रीम कोर्ट में राम के वजूद को काल्पनिक होने का हलफनामा दिया था।

आपको बता दे कि योगी ने कहा कांग्रेस ने तो सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए की गई पहल के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल का भी विरोध किया था। वह

अयोध्या में राम मंदिर भी नहीं बनने देना चाहती। चाहती तो अब तक कभी का वहां भव्य मंदिर बन चुका होता। रही हमारी बात तो मैं तो राम, कृष्ण की भूमि

और गोरखधाम से आया हूं। कृष्ण और गुजरात के रिश्ते से हर कोई वाकिफ है। द्वारिका को कृष्ण ने ही बसाया था।

हमारी तो शुरुआत और अंत राम के नाम से

होती है। किसी से मिलने पर हम उसका अभिवादन राम-राम से करते हैं। अंतिम यात्रा में ही राम नाम सत्य ही बोलते हैं। राहुल को 1995 के बाद गुजरात में हुआ

चौतरफा विकास नहीं दिखता। दरअसल विकास देखना इनकी फितरत नहीं है। कांग्रेस को तो विकास में सिर्फ अपना विकास दिखता है।
 आपको बता दे कि योगी पिछले दो दिनों से गुजरात में हैं। चुनाव के दौरान उनकी यह चौथी गुजरात यात्रा है।

इसकी वजहें भी हैं। गुजरात की 182

विधानसभाओं में करीब 60 पर उत्तर भारत के लोग निर्णायक स्थिति में हैं। इनमें से अधिकांश वहां के औद्योगिक शहरों और बंदरगाहों के पास रोजी-रोटी के लिए

गये और वहीं बस गये। योगी की तमाम जनसभाएं भी इन्हीं क्षेत्रों में हुईं हैं। इन क्षेत्रों में उत्तर भारत के अन्य नेता भी लगे हुए हैं। कुछ को तो एक विधानसभा

के प्रभार के साथ पास की कुछ विधानसभाओं में उत्तर भारतीयों को सहेजने का काम दिया गया है।

Share This Post

Leave a Reply