गौतस्कर पहलू खान केस में सिर्फ सुदर्शन खड़ा था सत्य के साथ.. सभी 6 आरोपी कोर्ट से बरी


कहा जाता है कि “सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं” … इसके अलावा हमारे सनातनी धर्मग्रंथों में एक बात और कही गई है कि “यतो धर्मस्ततो जयः” .. अर्थात “जहाँ धर्म है वहीं विजय है” ..हालाँकि इस बीच विधर्मी ताकतें धर्म को हराने की कोशिश तो करती हैं लेकिन वह सफल नहीं हो पातीं. राजस्थान के अलवर के गौतस्कर पहलू खान केस में कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की गई थी जब इस केस के बहाने न सिर्फ गौरक्षा संगठनों बल्कि पूरे हिन्दू समाज को ही दंगे तथा सहिष्णु साबित करने की कोशिश की गई थी, संसद से लेकर सड़क तक हंगामा हुआ था.

लेकिन अंत में सत्य की विजय हुई है. गौतस्कर पहलू खान की मौत के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. अलवर की एक अदालत ने गौतस्कर पहलू खान की भीड़ द्वारा पिटाई तथा उसके बाद हुई मौत के मामले में सभी छह आरोपियों(हिन्दू) को बुधवार को बरी कर दिया गया है. अलवर कोर्ट कला ये फैसला उन लोगों को करारा झटका है जो इस केस की आड़ में न सिर्फ गौरक्षकों, हिन्दू संगठनों बल्कि पूरे हिन्दू समाज को असहिष्णु बताते हुए उन पर निशाना साध रहे थे.

गौतस्कर पहलू खान केस में यह फैसला जस्टिस डॉ. सरिता स्वामी ने सुनाया. इस मामले में दो बाल अपचारियों सहित कुल 9 को आरोपी बनाया गया था. न्यायालय में अभियोजन पक्ष से 44 लोगों के बयान करवाए गए. तीन अन्य नाबालिग अपराधियों का मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है.  पुलिस ने कोर्ट में जो वीडियो पेश किया, उसे कोर्ट ने पुख्ता सबूत नहीं माना. कोर्ट ने विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, भीम राठी और योगेश को किया बरी किया.


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