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जानिये चिदंबरम को रिमांड पर भेजते हुए जज साहब के क्या थे शब्द.. वो शब्द जिन्होंने बदल दी भारतीय राजनीति की दिशा

भ्रस्ताचार के आरोपी कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को बचाने के लिए कांग्रेस के वकील नेताओं ने पूरी ताकत लगा ली, स्वयं पी. चिदंबरम सीबीआई की गिरफ्त में आने से बचने के लिए फरार रहे लेकिन वो बच न सके. अब कोर्ट ने चिदंबरम को 5 दिन की सीबीआई की रिमांड में भेज दिया है. लेकिन कांग्रेस नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को 5 दिनों के लिए सीबीआई की रिमांड में भेजने का फैसला देते हुए जज साहब ने जो कहा वो बहुत मायने रखता है.

पी. चिदंबरम की रिमांड पर फैसला देते हुए कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और उनकी गहराई से जांच की जरूरत है. कांग्रेस नेता तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को रिमांड पर भेजने का फैसला देते हुए विशेष सीबीआई जज अजय कुमार ने कहा, ‘जांच को तार्किक अंत तक पहुंचाना जरूरी होता है और इसके लिए कई बार हिरासत में लेकर पूछताछ करना उपयोगी और फायदेमंद साबित होता है. इसलिए पी. चिदंबरम को सीबीआई की रिमांड में भेजा जाना जरूरी है.

कोर्ट ने कहा कि यह मामला मनी ट्रेल का है, जिसके बारे में पूरी जानकारी जुटाना जरूरी है. जज ने कहा कि यह केस पूरी तरह से डॉक्युमेंट्री एविडेंस यानी दस्तावेजी सबूतों पर आधारित है और उनकी प्रामाणिकता के लिए पूरी पड़ताल होनी चाहिए. यही नहीं कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया केस में हुए करप्शन में पी. चिदंबरम की कथित संलिप्तता को लेकर भी बेहद अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा, ‘चिदंबरम को 2007-08 और 2008-09 में पेमेंट किए जाने की बात एकदम स्पष्ट और वर्गीकृत है.’ कोर्ट ने पी. चिदंबरम पर लगे आरोपों को गंभीर प्रकृति का बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ गहराई से जांच किए जाने की जरूरत है.

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