26 लड़कियों को समय रहते बचा लिया एक जागरूक नागरिक ने.. सबकी उम्र थी नाबालिग और भेजी जा रही मदरसे के नाम पर

आज उन २६ लड़कियों के परिजन तथा पूरा देश आदर्श श्रीवास्तव नामक उस युवक को सैल्यूट कर रहा है, नमन कर रहा है.. जिसने अपनी जागरूकता से, अपनी सजगता से उन २६ लड़कियों के जीवन को तबाह होने से बचा लिया जो मदरसे के नाम पर मानव तस्करी के लिए ले जाई जा रही थी. मानव तस्करी के लिए ले जाई जा रही इन लड़कियों को गोरखपुर में जीआरपी और आरपीएफ ने एक ट्रेन से 26 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है.

बता दे कि ये लड़कियां मुजफ्फरपुर-बांद्रा अवध एक्सप्रेस से नरकटियागंज से ईदगाह जा रहीं थीं. इनके साथ 22 साल और 55 साल के दो पुरुष थे. पुलिस मामले की जांच कर रही है और लड़कियों के पैरेंट्स को सूचना दी गई है. 10 से 14 साल की ये लड़कियां पश्चिम चंपारण से हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने 26 लड़कियों को तब रेस्क्यू किया जब 5 जुलाई को आदर्श श्रीवास्तव नाम के शख्स ने रेल मंत्रालय और रेल मंत्री को ट्वीट करके इसकी जानकारी दी. लड़कियां अवध एक्सप्रेस (19040) के एस5 कोच में ट्रैवल कर रहीं थीं. आदर्श ने ट्वीट में बताया था कि नाबालिग लड़कियां रो रही हैं और असुरक्षित महसूस कर रही हैं. आर्दश के इसी ट्वीट के बाद एक्शन लिया गया तथा आज वे लड़किया सुरक्षित है.

गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ में भी ईसाई मिशनरी से ५ बच्चों को बेचने का मामला सामने आया था तथा इसके बाद जब जाँच हुई तब पता चला कि २८० बच्चे पहले भी गायब हो चुके हैं. ईसाई मिशनरी से बच्चों कि तस्करी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब मदरसों से बच्चियों की तस्करी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है. खैर पूरा देश एक सुर में आदर्श श्रीवास्तव की तारीफ़ कर रहा है जिन्होंने बच्चियों की जान बचाई. आपको बता दें कि इस मामले में में जो तीन मुस्लिम लोग गिरफ्तार हुए हैं, उसमें १ महिला तथा २ पुरुष शामिल हैं तथा उनसे पूंछताछ की जा रही है.

 

Share This Post

Leave a Reply