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“मैं ग्रेजुएट लड़की हूँ और साजिद को अच्छे से जानती हूँ , अब ये अनपढ़ लोग मुझे बताएंगे हिन्दू – मुसलमान ? .. फिर मिली एक लाश, 7 टुकड़ों में कटी हुई

कोई वेद, पुराण शास्त्र पढ़ कर , कई सच्चे इतिहास को जान कर भी जूही की नजर में अनपढ़ था , और वो मात्र ग्रेजुएशन तक पढाई कर के खुद हो बहुत ज्यादा ज्ञानी समझ चुकी थी .. उसका यही घमण्ड बन गया उसके काल का कारण और अब कुछ नही बचा … मात्र एक फोन से हुआ तथाकथित लव अब मौत का कारण बन गया जूही के लिए और 7 टुकड़ों में कटी हुई मिली है उसकी लाश , अपने घर से बहुत दूर ..
एक पारंपरिक परिवार की जूही को साजिद ने मोबाइल के रांग नम्बर के झांसे में फ़ांस लिया ! छपरा के साजिद ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी कर ली। इस बीच जूही ने गर्वमेंट कॉलेज छपरा से साइकोलॉजी में बीए की पढ़ाई पूरी कर ली। दोनों ने शादी करने का फैसला किया। जूही के परिवार वाले राजी नहीं हुए तो जूही ने परिजनों से नाता तोड़, साजिद में ही अपना प्यार, संसार सब देख डाला , इतना ही नही उसे समझाने कई बाहरी लोग भी गए लेकिन उसने सबको डांट कर भगा दिया और बार बार खुद के पढ़ी लिखी, ग्रेजुएट होने का ताव देते हुए साजिद के लिए खुद को जन्म देने वाली माँ और बेटे जैसा पालने वाले पिता का त्याग कर दिया , बाद में दोनों बिहार से दिल्ली आ गए और जामिया नगर,ओखला में रहने लगे..
दिल्ली आ कर जूही की सारी पढाई आदि भुला दी गयी और उसको बच्चा पैदा करने की मशीन बना डाला गया .. मात्र 3 साल में उसने 2 बच्चों को जन्म दिया जिसमें जूही की मर्जी नही थी .. उसको मांस आदि खाने पर मजबूर किया गया जिसकी उसको जरा सा भी इच्छा नही थी और एक छोटे से कमरे जैसे नरक में रहने के दौरान साजिद ने एक एक पैसे के लिए तरसा दिया.. जूही के साथ सजिद ने मार-पीट का कभी न टूटने वाला क्रम शुरू कर दिया…
जूही की खाने के एक-एक दाने के लिए पिटाई की जाती थी..इधर साजिद ने एक अन्य युवती से आशनाई शुरू कर दी…जूही को नवजात दोनों कन्याओं का तिरस्कार और अपना अपमान/पिटाई बर्दाश्त थी…मग़र विश्वास की हत्या जूही सह नहीं सकी…साजिद के अवैध संबंधों को लेकर जूही ने प्रतिरोध किया…आखिर इसी शख्स के लिए जूही ने अपने परिजनों का त्याग किया था…7 परदों के पीछे जेहादी प्रतिबंधों को स्वीकार किया था..लेकिन साजिद अपने मज़हबी अधिकारों से पीछे हटने को तैयार नही था क्योंकि उसकी और अधिक निकाह करने की छूट थी .. जूही ने प्रतिरोध जारी रखा…साजिद और उसके 2 अन्य भाइयों ने जूही की हत्या का फैसला किया…..
साजिद ने जूही का गला दबाकर हत्या कर दी…तीनों भाइयों ने जूही के शव के 7 टुकड़े कर पालीथीन और गत्ते के डब्बों में बन्द कर ठिकाने लगा दिया….घटनास्थल जो कि एक किराये का मकान था,साजिद मकान को खाली कर भाग निकला… जूही का धड़, टाँगे, उदर, हाथ और सिर अलग – अलग स्थानों पर फेंक दिया गया था… सिर और चेहरे को तेज़ाब तथा कुचल कर न पहचाने जाने योग्य बना कर ठिकाने लगा दिया गया…साजिद नए शिकार पर निकल पड़ा..किसी और जूही ‘ को निशाना बनाने के लिए…
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