कश्मीर से लेकर मणिपुर.. पूरे पूर्वोत्तर में बहुसंख्यक हिन्दू अल्पसंख्यक होने की कगार पर.. जानिए कौन हो रहा बहुंसख्यक ?


हिंदुओं की कुछ राज्यों में घटती जनसंख्या को देख उनके हक़ के लिए याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय आगे आये। हिंदुओं को इन आठ राज्यों में लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और पंजाब में जनसख्यां में घटोती के चलते उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज की गई है।

दरअसल 23 अक्टूबर 1993 में मुस्लिम समेत अन्य समुदाय के लोगों को अल्पसंख्यकों का दर्जा देने का नोटिफिकेशन जारी किया था।

कोर्ट में दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने इस नोटिफिकेशन को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है। जब इन आठ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक है तो क्यों उन्हें अल्पसंख्यकों वाले अधिकारों से वंचित कर रखा है। इस पर अश्विनी उपाध्याय ने मांग की है,” कि इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यकों का दर्जा दिया जाए और उन्हें अल्पसंख्यकों को मिलने वाले अधिकार भी मिलें।’

बता दें कि इस याचिका में कहा गया है कि ,”किसी भी समुदाय के अल्पसंख्यकों का दर्जा सिर्फ उनकी जनसंख्या के आधार पर ही मिलना चाहिए और 2011 के जनगणना के आंकड़ों की मानें तो देश के 8 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं फिर भी इन राज्यों में अल्पसंख्यक का दर्जा और अधिकार अभी तक नहीं मिले है।” याचिकाकर्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को आदेश दें कि इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करे इसके लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है।


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