अगर अशिक्षा के चलते #आतंक और अपराध होते तो MBA पास अस्कर अहमद क्यों बना अपराधी जिसका साथ दिया पुलिस वाले फखरुद्दीन ने ?

हमारे देश में थ्योरी अक्सर सामने आती है कि बेरोजगारी के कारण, अशिक्षा के कारण, गरीबी के कारण लोग हथियार उठाते हैं आतंकी बनते हैं. लेकिन इसमें भी ये थ्योरी तब स्वतः ही जोर पकड़ने लगती है जब किसी देश विरोधी  गतिविधि में, आतंकी गतिविधि में या किसी आपराधिक कृत्य में कोई मुसलमान पकड़ा जता है. जैसे ही कोई मुसलमान किसी गैरकानूनी कार्य में पकड़ा गया तो तुरंत ही हमारे देश के तथाकथित बुद्धिजीवी खड़े हो जाते हैं कि इसके पीछे का कारण उनकी अशिक्षा, बेरोजगारी व गरीबी है.

लेकिन इन बुद्धिजीवियों के मुंह से उस समय कोई आवाज नहीं निकलती, उस समय ये लोग मुंह बंद कर लेते हैं जब कोई पढ़ा लिखा, अमीर घर का, अच्छी नौकरी करने वाला भी देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है. अब दिल्ली के दक्षिण जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते(एएटीएस) ने चोरी के वाहनों को बेचने वाले मणिपुर के एक गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह का मुख्य संचालक अस्कर अहमद है जो अरुणाचल यूनिवर्सिटी से MBA किये है तथा गुरुग्राम में अपना खुद का कॉल सेण्टर चलाता था. पुलिस ने फखरुद्दीन के कब्जे से आठ पिस्टल, 16 कारतूस और चोरी की बीएमडब्ल्यू समेत चोरी की 16 कारें बरामद की गई हैं.

इससे भी आश्चर्य की ये बात है कि अस्कर अहमद के इस गिरोह में एक अहम सदस्य मणिपुर का बर्खास्त सिपाही है फखरुद्दीन है. दक्षिण जिला डीसीपी रोमिल बानिया ने बताया कि एएटीएस टीम को सूचना मिली थी कि मणिपुर का एक गिरोह चोरी के वाहनों को बेचने में लगा हुआ है. इस टीम का पर्दाफाश करने के लिए एएटीएस प्रभारी रिछपाल सिंह की देखरेख में एसआई कृष्ण कुमार व मंजीत सिंह की विशेष टीम बनाई गई. इस टीम ने सूचना के बाद विशेष पिकेट लगाकर सेक्टर-5, पुष्प विहार से 27 मार्च को होंडा सिटी कार में घूम रहे अस्कर अहमद को गिरफ्तार कर लिया. इसके कब्जे से पांच पिस्टल व आठ कारतूस बरामद किए गए. आरोपी ने बताया कि वह चोरी की करीब 50 कारों को मणिपुर भेज चुका है. वह मणिपुर में जिला परिवहन अफसर से चोरी की कारों को रजिस्टर्ड करा लेता था. पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया और उसकी निशानदेही पर आठ लग्जरी कारें बरामद की गईं. इसके बाद हुंडई आई-10 कार, बीएमडब्ल्यू,होंडा सिटी व होंडा एकोर्ड कोटला मुबारकरपुर इलाके से बरामद की गईं.

इस गिरोह में अस्कर अहमद के साथ जो फखरुद्दीन नामक व्यक्ति पकड़ा गया है वह मणिपुर पुलिस में सिपाही था लेकिन वाहन चोरी के मामले में पकड़े जाने पर उसको बर्खास्त किया गया था. सिपाही के पद पर रहने के दौरान भी वह वाहन चोरी में लिप्त रहता था तथा बर्खास्तगी के बाद भी वह अपराधिक गतिविधि को अंजाम दे रहा था. अब कोई बतायेगा आखिर क्यों MBA होने के बाद बाद भी अस्कर अहमद क्यों अपराधी बना? मणिपुर पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात फखरुद्दीन वाहन चोर गिरोह का सदस्य बना?? कहीं ऐसा तो नहीं है कि कहीं आतंक तथा अपराध का सम्बन्ध गरीबी, बेरोजगारी से न होकर उसकी तालीम हो, उसको मजहबी उन्मादी मानसिकता हो?

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