34 बच्चों को जीसस का आशीर्वाद व् बेहतर जिन्दगी देने के नाम पर कब्जे में कर चुके थे दो तस्कर

उन्होंने कहा था कि वह उनके बच्चों को बेहतर जिन्दगी देंगे तथा उनको विशेष रूप से जीसस का आशीर्वाद मिलेगा. ऐसे लालच प्रलोभन देकर उन्होंने 34 बच्चों को आपने साथ लिया तथा फिर शुरू हुआ उनका वो काला खेल जो झारखंड की ईशाई मिशनरी से सामने आया था. हम बात कर रहे हैं बच्चों की तस्करी के मामले की. जी हाँ, इस बार भी मिशनरी लोगों ने झारखंड से 34 बच्चों को उनके परिजनों को प्रलोभन देकर अपने साथ लिया तथा फिर एक साजिश के तहत पंजाब के लुधियाना लाकर उनकी तस्करी की गयी. बच्चों की तस्करी से जुड़ा ये सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद एक बार फिर से ईसाई मिशनरिया निशाने पर आ गयी हैं तथा ये बात एक बार पुनः सत्य साबित होटी प्रतीत हो रही है कि इन मिशनरियों में मानवता की आड़ में कैसा गंदा खेल होता है. इस मामले को लेकर शनिवार को मानव तस्करी किये जाने के आरोप में चाईबासा जिला के गुदड़ी में रहने वाला जुनूल लोंगा व गया निवासी सत्येंद्र प्रसाद मोसेस को गिरफ्तार किया गया है. वहीं 34 बच्चों को मुक्त कराते हुए चाईबासा पुलिस उन बच्चों को अभिभावक के हवाले कर दिया.

चाईबासा पुलिस कप्तान क्रांती कुमार गढ़देशी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि विशेष शाखा झारखण्ड रांची से सुचना प्राप्त हुई कि झारखण्ड के 34 बच्चों को मानव तस्करी कर पंजाब के लुधियाना स्थित पेकियम मर्सी क्रॉस होम फुलनवाल इन्दरनगर पखवाल रोड लुधियाना में रखा गया है. सभी बच्चे काफी छोटे छोटे है एवं डरे सहमे हुये है. इनके खाने पीने एवं मेडिकल की उचित व्यवस्था भी नहीं है. यह संस्थान पंजीकृत भी नही है तथा जेजे ऐक्ट का पूर्णरूप से उल्लघंन किया जा रहा है. इस सूचना को लेकर सीडब्लूसी लुधियाना से सम्पर्क कर बच्चों को बरामदगी के लिए त्वरित कार्रवाई करने के लिए आग्रह किया गया. थाना प्रभारी पुअनि बनारसी राम के नेतृत्व में सअनि अवध किशोर विद्यार्थी, पुलिस राजेंद्र सिंह मुण्डा, पुलिस सेवक कुजूर, मपु कुमरी माही मुर्मू व सीता उरांव एक टीम का गठन कर बच्चों के बारे में बिस्तृत जानकारी लेते हुए बच्चों को बरामदगी करने हेतु लुधियाना भेजा गया. आहुत थाना प्रभारी द्वारा जांच के क्रम में पाया गया कि जैसे ही सीडब्लूसी लुधियाना की टीम पेकियम मर्सी क्रास होम के संचालक सत्येंद्र प्रसाद मोर्सस से संपर्क की, संचालक के द्वारा आनन फानन में 30 बच्चों को होम से भगा दिया गया तथा शेष 4 बच्चे होम में रह गये.

जब झारखण्ड की टीम संचालक से संपर्क कर पुछताछ की तो ये सामने आया कि झारखण्ड के सभी 34 बच्चे को उनके स्कूल के पूर्व छात्र जुनूल लोंगा जो पश्चीमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी का रहने वाला है, उसके द्वारा रांची एवं खूटी क्षेत्र से बच्चो को लाया गया था. होम संचालक को जैसे ही सुचना मिली जुनुल लोंगा को बुलाकर बच्चों को उनके साथ भगा दिया. जांच के क्रम में पाया गया कि जुनुल लोंगा 20 बच्चो को चाईबासा जिला से उनके अभिभावक को बहला फुसला कर लुधियाना होम ले गया था. बच्चों के द्वारा पूंछताछ में बताया गया कि उन्हें होम में प्रेयर एवं बाईबिल का पाठ काराया जाता था. तीन हॉल में बच्चों को हाईट के अनुसार क्लास में दाखिला दिया जाता था. बच्चों के अभिभावक को अंधकार में रख कर सारी कारवाई जाती थी. ये अपनी संस्था को वर्ष 2006 तक रजिस्टर्ड कहते थे तथा नवीनीकरण नहीं होने की बात स्वीकार किया है. होम के बच्चे 04 बच्चों को जो खूंटी एवं बुंडू के है इन्हें भी बरामद कर लिया गया है. जिन्हें सीडब्लुसी के माध्यम से उनके अभिभावक तक पहूंचाया जा रहा है. 

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