अब वामपंथ शासित त्रिपुरा में शुरू हुए हिन्दुओं के कत्ल. हिन्दू नेता तुनू शुक्ला का बेरहमी से कत्ल

गैर हिन्दुआें पर छोटे से हमले पर भी अवार्ड लौटाने वाले तथाकथित धर्मनिरपेक्ष वर्ग ने यह समाचार क्याें सामने आने दिया ? क्या तथाकथित सेकुलर वर्ग के लिए हिन्दुआें के जीवन का कोर्इ मोल नही है ? यह सिर्फ एक वर्ग का विरोध दिखाने वाली एक विशेष वर्ग की समाचार एजेंसियों का कहीं एकतरफा हिन्दू विरोध तो नहीं है और यदि है तो इसकी असलियत को सामने आना बेहद जरूरी है ..

विदित हो कि प्राप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वामपंथ शासित केरल के बाद अब एक बार फिर वामपंथ शासित त्रिपुरा में भी हिन्द नेताओं के ऊपर हमले और कत्ल शुरू हो चुके हैं . उत्तरी त्रिपुरा में कैलाशाहर के चांदीपुर क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ता की कथित रूप से हत्या के बाद तनाव फैल गया। पुलिस के अनुसार, ३२ वर्षीय तुनू शुक्ला पिछले दो दिन से लापता था और बुधवार को पश्चिमी कौलिकुरा क्षेत्र में उसका शव बरामद किया गया था। बताया जाता है कि, तुनू भाजपा के कार्यकर्ता थे और बूथ स्तर पर पार्टी के लिए काम करते थे। 

शासकीय दबाव में कार्य करने वाली पुलिस ने इस मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं की है परंतु जांच में लगी हुई है। उल्लेखनीय है कि राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या का यह छठवां मामला है।भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि हत्या की घटनाओं को लेकर पुलिस को सूचित किए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।  आज देश की स्थिती देखे तो ध्यान में आता है कि, आए दिन यहां हिन्दुत्वनिष्ठों की हत्याए हो रही है, आक्रमण हो रहे है । लव जिहाद देश में पनप रहा है । हिन्दुआें का खुलेआम धर्मांतरण हो रहा है । कर्इ मंदिरों का सरकारीकरण भी हो चुका है । हद तो ये है कि इतने के बाद भी असहिष्णुता का पूरा आरोप भी केवल हिन्दू समाज ही झेलता है . 

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