फिर मिला एक नकली पासपोर्ट जो था मोइनुद्दीन के पास.. वो कौन सी छूट थी इन लोगों को जो रोहिंग्या तक के बन गये पासपोर्ट ?

एक बार फिर से पासपोर्ट विभाग पर सवालिया निशाँ खड़े हो गए हैं क्योंकि इस बार फर्जी सबूतों के आधार पर मोइनुद्दीन नामक उस व्यक्ति को पासपोर्ट दिया गया जिसके रोहिंग्या होने की आशंका जताई जा रही है. खबर के मुताबिक़, पश्चिमी बंगाल के रहने वाले मुइनुद्दीन ने मूल निवास के फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर आगरा में अपना पासपोर्ट बनवा लिया. मोइनुद्दीन आगरा में छीपीटोला में किराए पर रह रहा था. मोइनुद्दीन के रोहिंग्या होने की आशंका जताई जा रही है.

मोइनुद्दीन के मकान मालिक को पता चला तो उन्होंने रकाबगंज थाना में जालसाजी का केस दर्ज करा दिया. पुलिस ने मुइनुद्दीन को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट के सामने पेश किया. वहां से उसे जेल भेज दिया गया. बताया गया है कि मुइनुद्दीन दस साल पहले आगरा आया था. वो खुद को कोलकाता का निवासी बताता था. हालांकि पुलिस का मानना है कि उसने झूठ बोला. कोलकाता में उसने जो पता बताया, उसे तस्दीक कराया जा रहा है. वो छीपीटोला में ही एक जूता फैक्ट्री में कारीगर के रूप में काम कर रहा था. छीपीटोला के ही कटरा गड़रियान में सुरेश कुमार के घर किराए पर रहा. उसने पहली जालसाजी तो आधार कार्ड बनवाने में की.

मोइनुद्दीन ने अपना आधार कार्ड गोपाल के नाम से बनवाया. इसके बाद उसने सुरेश के घर को अपना घर बताते हुए पासपोर्ट के लिए मुइनुद्दीन के नाम से ही आवेदन किया. उसके नाम पासपोर्ट जारी भी कर दिया गया. यह उस तक पहुंचना शेष रह गया था. इसी बीच सुरेश को उसकी जालसाजी का पता चल गया. सुरेश ने उसके खिलाफ रकाबगंज थाना में तहरीर दे दी। सीओ सदर उदयराज सिंह ने बताया कि मुइनुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया.

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