ट्विटर पर सुषमा स्वराज व मोदी को वो दे रहा था गन्दी गन्दी गालियां. जानिए उसका नाम जिसे दबोच लिया है UP पुलिस ने

पिछले दिनों सुषमा स्वराज जी को ट्विटर पर ट्रोल करने की खबर कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियां रहीं.. कईयो ने इस पर ब्रेकिंग जारी रखी तो कुछ ने इसे स्पेशल शो वो भी प्राइम टाइम में लिया था ..लेकिन अब जब मुद्दा भद्दी भद्दी गालियों का आया तो न जाने क्यों उन खबरों पर अचानक से ही लगाम लग गयी और निभाये जाने लगे तथाकथित धर्मनिरपेक्षता के नियम व कानून …ज्ञात हो कि एक नए मामले में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना एक विकृत मानसिकता के युवक को भारी पड़ा।

उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के दक्षिण टोला थाने की पुलिस ने मंगलवार की शाम को अजीमाबाद मुहल्ला निवासी शफीक अहमद के विरुद्ध ट्विटर पर प्रधानमंत्री और विदेशमंत्री के लिए अभद्र शब्दो का इस्तेमाल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया को गाली गलौज का अड्डा बना चुके कई लोगों को साफ साफ सन्देश गया है अपनी हरकतों से बाज़ आने का जो इस महत्वपूर्ण प्लेटफार्म को अपने अपशब्दों से कलंकित कर रहे हैं और खुलेआम दिखा रहे हैं अपनी कट्टरपंथी सोच व विकृत मानसिकता …

दरअसल मामला यह हैं कि, मऊ निवासी शफीक अहमद ने ट्विटर पर 28 मई को अनुपम खेर और सुषमा स्वराज को टैग करके प्रधानमंत्री और विदेशमंत्री को बेहद भद्दी-भद्दी गालिया देते हुए पेट्रोल के दाम बढ़ाने और देश को भिखारी बनाने का आरोप लगाया। कल अचानक से यह ट्वीट तब वायरल हो गयी जब विदेश मंत्री ने ट्विटर पर सोनम महाजन को ब्लॉक किया, ट्विटर यूजर्स ने इस ट्वीट के लिंक को कोट करते हुए कहा कि इस तरह की गन्दी-गन्दी गालिया बकने वालो पर कोई कारवाई नही होती और सभ्य तरीके से सवाल उठाने वालों को ट्रोल कहा जाता हैं।

इसके बाद मऊ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और आईटी एक्ट 67 के तहत मुकदमा दर्ज करके आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद ट्विटर यूजर्स ने मऊ पुलिस की उनके इस सख्त कदम की प्रशंसा भी की लोकतंत्र में इस तरह की अभद्र भाषा को बिल्कुल स्वीकार नही किया जा सकता, असहमति रखना आलोचना करना सभी का अधिकार हैं लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा गालीगलौज हरगिज स्वीकार नही हो सकती, और ऐसे लोगो के साथ कठोर कानून करवायी करते हुए उन्हें वह सबक सिखाया जाना चाहिए जिसे यह बचपन मे अपने माता पिता और शिक्षक से सीखने में चूक गए थे। सोशल मीडिया पर अगर आप इस तरह से कोई भी गलत काम कर रहे हैं, तो अब सावधान हो जाए।

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