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कुछ का वश चलता तो कासगंज के कातिलों मसीहा बना कर बलिदानी चन्दन को ही ठहरा देते गलत. लेकिन ये सम्भव नही सुदर्शन के रहते

जिनके पास एसिड बोतल- बन्दुक सब था उनको शांतिप्रिय, और जिनके पआस सिर्फ तिरंगा था उनको दंगाई बताने की साजिश एक वर्ग व उस साजिश रचने वालो के सहयोगी मीडिया के कुछ लोगों द्वारा पूरी तरह से बन चुकी थी और वन्देमातरम के साथ भगवा ध्वज वालों के खिलाफ मोर्चा खुलने ही वाला था कि इस से पहले हमने अपनी जिम्मेदारी को समझा व असल सत्य को सामने किया जिसने कासगंज के कातिलों को असल रूप में बेनकाब करते हुए ध्वस्त कर दिया हिंदुओं के ख़िलाफ़ साजिश रचने वाली  एकतरफा मीडिया के उस वर्ग को ..यद्द्पि सत्य को सामने लाने के इस पावन कार्य मे मिले राष्ट्रवादियो के सहयोग के हम व हमारी पूरी टीम आभारी है .. 
मुस्लिमो के पास एसिड बोतल- बन्दुक सब था, हमारे बच्चों के पास सिर्फ तिरंगा था : चन्दन के भाई .. तथाकथित व नकली चोला पहने सेक्युलर समाज और उनकी सोच को फैलाने वाली एकतरफा मीडिया ने भारत माता की जय, वन्दे मातरम के नारों को साम्प्रदायिक घोषित कर कासगंज में चन्दन की हत्या को जायज बता दिया, और ये भी कहने के साथ सवाल उठा दिया कि तिरंगा फहराने के लिए क्या हिन्दुओ ने इज़ाज़त ली थी, कुल मिलाकर एकतरफा एक वर्ग को गलत दिखाने वाली कुछ  मीडिया ने जिहादियों के बचाव में कोई कसर नहीं छोड़ी, और चन्दन की मौत तक को संवेदनहीनता की सभी सीमाएं पार करते हुए विवादों के घेरे में लाने की कोशिश की ..
कुछ ने तो वन्देमातरम का उद्घोष करने वालों के खिलाफ ऐसे तेवर दिखाए जैसे उनका वश चले तो वो चन्दन की हत्या को बिलकुल जायज बता दें . खबर के नाम पर फैल रही बकवास को सुन कर सुदर्शन न्यूज़ के रिपोर्टर ने चन्दन गुप्ता के पिता, उनके बड़े भाई और माता सभी से बात की, चन्दन गुप्ता के बड़े भाई ने साफ़ शब्दों में कहा की मुस्लिम इलाके में मुसलमानो ने मेरे भाई और उसके साथियों को मारा है..बोली चंदन की मां, तिरंगा यात्रा निकालना जुर्म है तो मुझे भी मार दो गोली
चन्दन के बड़े भाई ने साफ़ शब्दों में बताया की सुबह दूध का डब्बा घर में रखकर 26 जनवरी के लिए उत्साह में चन्दन तिरंगा लेकर घर से निकला, तिरंगा उसने बाइक पर लगाई और अपने दोस्तों के साथ निकल गया, सभी भारत माता की जय के नारे लगाते हुए शहर में तिरंगा यात्रा कर रहे थे, जब तिरंगा यात्रा मुस्लिम बहुल इलाके में पहुंची तो मुसलमानों ने पूरी तैयारी पहले से कर रखी थी, उनके पास एसिड की बोतलें थी, उनके पास पत्थर थे, और बंदूकें भी थी, और हमारे भाई और उसके साथियों के पास सिर्फ तिरंगा था और वो अपनी मोटरसाइकिल पर बैठे हुए थे
इसी बातचीत में  ये भी सामने आया कि तिरंगा यात्रा को मुस्लिम इलाके में मुसलमानो ने रोक दिया, और तिरंगा यात्रा को रोक कर बोले की हिंदुस्तान मुर्दाबाद और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाओ, चन्दन गुप्ता और उसके दोस्तों ने हिंदुस्तान मुर्दाबाद और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने से इंकार कर दिया, मुसलमानो ने कहा की जबतक तुम हिंदुस्तान मुर्दाबाद और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे नहीं लगाओगे, तुम्हारे बाइक को आगे जाने नहीं देंगे, फिर तिरंगा यात्रा पर पत्थर और एसिड की बोतलें फेंकी और चन्दन और उसके साथियों पर गोली चलाई जिसमे चन्दन की छाती पर 1 गोली लगी और वो खत्म हो गया
चन्दन गुप्ता के भाई ने बताया की चन्दन को छाती पर गोली मारी और वो गिर गया, वहां भगदड़ मच गयी और उसके बाद जब वो पहुंचे तो उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर चन्दन को अस्पताल बाइक पर ही पहुँचाया पर उसकी मौत हो गयी थी
चन्दन को न्याय दिलाने की मुहिम में सहयोगी बन रहे सभी राष्ट्रवादियों व धर्मरक्षकों का सादर धन्यवाद , साथ ही प्रभु श्रीराम चन्दन को अपने चरणों मे स्थान दें .
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