बंगलादेशी घुसपैठियों के समर्थन में खड़ा हो कर भारत के सेनापति को ललकार रहा भारत का कलंक ओवैसी …


असम में मुल्ता नाम का इस्लामिक आतंकी संगठन है जिस से सेना को लड़ना पड़ रहा है ..उस समय न तो हैदराबाद में बैठ कर नेतागीरी करने वाला ओवैसी सामने आता है और न ही उसके भाषणों पर ताली बजा कर उसको साहब या रोबिन हुड कहने वाले वो आतंक समर्थक ..अब तक पाकिस्तानियों और आतंकियों की खुली पैरवी करने वाला ओवैसी अब खुल कर खड़ा हुआ है बंगलादेशी घुसपैठियों के साथ और उसके निशाने पर हैं भारत की बलिदानी फौज के कमांडर सेनापति विपिन रावत जी ..

बंग्लादेशियों पर सवाल उठाने के बाद गुस्से से पागल हो चुके औवेसी ने ट्वीट किया कि आर्मी चीफ को राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, किसी राजनीतिक पार्टी के उदय पर बयान देना उनका काम नहीं है. लोकतंत्र और संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है, सेना हमेशा एक निर्वाचित नेतृत्व के तहत काम करती है.

दरअसल एक सेमिनार में बोलते हुए सेना प्रमुख ने यहां पर बांग्लादेशी घुसपैठ के बारे में कहा कि उत्तर-पूर्व में बांग्लादेश से हो रही घुसपैठ के पीछे हमारे पश्चिमी पड़ोसी की छद्म नीति ज़िम्मेदार है. जनरल रावत ने कहा है कि इस काम में हमारे पश्चिमी पड़ोसी को उत्तरी पड़ोसी का साथ मिल रहा है. उन्होंने कहा है कि उत्तर पूर्व की समस्याओं का समाधान वहां के लोगों को देश की मुख्यधारा में लाकर विकास करने से मुमकिन है.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share