घर से उठा ले गए दलित बच्ची को ..जबरन मुँह में भर दिया मांस और बोले -“नमाज़ पढ़ो क्योंकि अब तुम मुसलमान हो”

इस खबर ने पूरे इलाके के दलितों में सनसनी और खौफ की लहर पैदा कर दी है .  वो अपने अस्तित्व के साथ अपनी बहन बेटियों की सुरक्षा को ले कर चिंतित हो उठे हैं .. उन्हें पहला सहारा पुलिस का है और उसके बाद उनके साथ अगर कोई खड़ा दिख रहा तो वो हैं हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता जो उनकी हर सम्भव मदद कर रहे .. हैरानी की बात ये है कि अब तक एक भी तथाकथित दलित शुभचिंतक इस घोर अपराध के खिलाफ आवाज नही उठा रहा है .. आखिर क्या वजह है जो धर्मयुद्ध लड़ने वाले महाराणा प्रताप का विरोध करने वाले ये तथाकथित लोग इस घटना में पीछे हट गए ..
विदित हो कि देश में नाबालिगों के साथ यौन अत्याचार के खिलाफ़ केंद्र सरकार द्वारा सख्त क़ानून बनाये जाने के बावजूद नाबालिगों के साथ अत्याचार की घटना कम होने का नाम नहीं ले रहीं रही. ताज़ी घटना फरीदाबाद की है जहाँ दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. मामला केवल यौन शोषण का ही नहीं है बल्कि बच्ची के अपहरण,जबरन मांस खिलाने और धर्म परिवर्तन कर के इस्लाम मे मतांतरित  कर देने के भी बेहद गंभीर आरोप लगाए गए है. 
पुलिस के अनुसार राजस्थान निवासी पीड़िता कई दिनों से अपने पिता के साथ किराये के मकान में रह रही थी. 4 अप्रैल को नाबालिक अपने घर से अचानक लापता हो गयी. पीड़िता के पिता ने बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज कराई. इसी बीच सूचना मिली की नूहं जिले के गाँव सिगार की रहने वाली फरज़ाना पति जाकिर नाबालिग को अपने गाँव ले आई है. जहाँ उसे बंधक बनाकर कई दिनों तक रखा गया. फिर गाँव के ही इस्लाम पुत्र रसूला को 40 हजार में बेंचकर नाबालिक का धर्म परिवर्तन कराया गया. इस्लाम ने बंधक नाबालिक को जबरन मांस खिलाया, इबादत के लिए मजबूर किया तथा उसके साथ बलात्कार का भी प्रयास किया.
नाबालिग के पिता की शिकायत पर फरजाना पत्नी जाकिर,इस्लाम पुत्र रसूला,ताहिर पुत्र इसब,जाकिर पुत्र फिरोजा और जन्नती पुत्री जाकिर के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज का लिया है. नाबालिग पीड़िता को पुलिस कस्टडी में रखा गया है. अब तक इस मामले में पीड़िता के परिजनों को केवल हिन्दू संगठन के लोगों ने ही यथा सम्भव मदद की है ..
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