“इंस्पेक्टर साहब. हम दलित परिवार से हैं, मेरे पति मुसलमान बन चुके हैं और हमें भी बनाना चाहते हैं. मैं मर जाऊंगी लेकिन हिंदुत्व नही छोड़ सकती”. जय जयकार हो रही उस वीरांगना की

एक और सनसनीखेज घटना से पूरे अमेठी ही नहीं पूरे प्रदेश में फ़ैल गयी है दहशत .. धर्मांतरण का ये रूप शायद ही पहले किसी ने देखा रहा हो जो अब देखने को मिल रहा जहाँ एक इन्सान खुद के ही परिवार को खत्म करने पर आमदा है केवल इसलिए क्योकि वो उनके कहने पर अपनी अनंत पीढियों से चली आ रही सनातन संस्कृति को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं . आखिर क्या सीख कर आया वो जो वो बन गया अपने ही परिवार का दुश्मन .. 

ज्ञात हो कि दलित वोटों के तमाम ठेकेदारों और पैरोकारों को चुनौती देते हुए एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मचा रखी है इलाके में सनसनी . अमेठी का ये दलित युवक सऊदी अरब कमाने गया था जहाँ उसको मुसलमान बना दिया गया है और अब लौट कर आने के बाद वो बन चुका है अपने ही परिवार वालों का दुश्मन . अब उसको अपना विचार अपनी बीबी बच्चो की जान से भी ज्यादा प्यारा हो चुका है . कमाने के लिए अरब गए इस दलित युवक ने भारत वापस आकर अपने बीवी और बच्चों को भी बंधक बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया। जिसका उसके परिवार वालों ने विरोध किया।

किसी भी हाल में अपने सत्य सनातन धर्म को न छोड़ने पर आमादा इस धर्मान्तरित की धर्मपत्नी किसी तरह से अपने पति के चंगुल से छूटकर स्थानीय विधायक की मदद से पुलिस को सारी आपबीती सुनाई। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के आदिल का पुरवा गांव का है। यहां का रहने वाला राधेश्याम करीब 6 साल पहले कमाने के लिए सऊदी अरब गया। वहां उसका धर्मांतरण करवा दिया गया और उसका नया नाम अब्दुल्ला रख दिया गया. जब वह भारत आया तो उसने तीनों बच्चों का दाखिला एक मदरसे में करवा दिया। जिसका उसकी पत्नी ने विरोध किया। तभी युवक ने पूरे परिवार को जमकर पीटा और उन्हें बंधक बना लिया।   वहीं किसी तरह उसके चंगुल से निकलकर पत्नी अपने मायके पहुंची। जिसके बाद उसने मायके वालों और स्थानीय विधायक से मिलकर पुलिस थाने पहुंचे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।

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