चंबल के 700 डाकुओं का एलान.. हमें अनुमति दो सरकार- “काट कर लायेंगे आतंकियों का सर”

पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश में आक्रोश किस कदर है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चंबल के शेर के नाम से मशहूर डाकू मलिखान तथा उसके 700 साथियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि उन्हें बॉर्डर पर लड़ने की अनुमति दी जाए. वह आतंकियों के सर काटकर लायेंगे तथा देश के बलिदानियों को श्रद्धांजलि देंगे.

चंबल के शेर कहे जाने वाले डाकू मलखान सिंह ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वे पाकिस्तान के साथ युद्ध के लिए तैयार हैं. वो अपने सात सौ साथियों को साथ लेकर बॉर्डर पर जंग के लिए जाना चाहते हैं.  उन्होंने कहा कि वो अपने साथियों के साथ सीमा पर जाकर पाकिस्तान से युद्ध लड़ने को तैयार हैं. मलखान सिंह का कहना है कि अभी भी मध्य प्रदेश में 700 बागी मौजूद हैं, जिन्हें साथ लेकर वो बॉर्डर पर जाकर देश की खातिर मरने को तैयार हैं. मलखान सिंह ने कहा कि अगर सरकार उन्हें परमिशन दे दे तो वे बिना किसी शर्त और वेतन के पाकिस्तान से युद्ध करेंगे. ज़रूरत पड़ी तो देश की खातिर अपनी जान भी दे देंगे. पूर्व डाकू मलखान सिंह का कहना था कि उनसे लिखवा कर ले लिया जाए कि अगर वे जंग में मारे गए तो कोई अपराध नहीं होगा. अगर वो इस बात से पीछे हटे तो उनका नाम मलखान सिंह नहीं.

मलखान सिंह ने दावा करते हुए कहा कि अगर मां भवानी का आर्शीवाद रहा तो कोई मलखान सिंह का बाल भी बाका नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि उन्हें डाकू कहा जाता है लेकिन वह डाकू नहीं है बल्कि बागी थे. मलखान सिंह ने कहा कि उन्होंने ये बगावत आपने गाँव तथा जिले से जरूर की थी देश से नहीं. मलखान का कहना है कि पुलवामा हमले का बदला जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर पर फैसला नहीं लिया गया तो कोई भी राजनीति पर विश्वास नहीं करेगा.

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