हिन्दू डॉन कहे जा रहे छोटा राजन के कत्ल की साजिश हुई नाकाम… जेल में ही था मारने का प्लान

क्या दिल्ली का टॉप गैंगस्टर नीरज बवाना डी कंपनी के इशारे पर अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को तिहाड़ जेल के अंदर मारने की प्लॉटिंग कर रहा था? तिहाड़ प्रशासन को दो सप्ताह पहले मिली खुफिया जानकारी इसी तरफ इशारा करती है.इसके बाद ही राजन की सुरक्षा की समीक्षा की गई है.मिली जानकारी मुताबिक, राजन को मारने की डी कंपनी की हालिया कोशिश उस वक्त नाकाम हो गई जब नीरज बवाना के सहयोगी ने शराब के नशे में यह बात अपने सहयोगी से कह दी.यह जानकारी एजेंसी तक पहुंची जो आगे राजन की सुरक्षा में लगे अधिकारियों तक पहुंचाई गई. मुंबई में एक मराठी परिवार मे जन्मे राजन निखालजे की परवरिश चेंबूर के निम्न मध्यवर्गीय इलाके तिलकनगर में हुई.

यह इलाका सेंट्रल मुंबई में स्थित है.राजन ने अपने क्रिमिनल करियर की शुरुआत सहाकर सिनेमा में 1980 में टिकटों की कालाबजारी से की थी.इसके बाद उसकी मुलाकात, बड़ा राजन और हैदराबाद के यडागिरी से हुई.इनके साथ राजन ने बिजनस की बारीकियां सीखीं.बड़ा राजन की मौत के बाद निखालजे को छोटा राजन का नाम मिल गया.आपको बता दे कि एक बार फिर से जेल के अंदर बंद छोटा राजन की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं क्योंकि ऐसी खबरें आई हैं कि दिल्ली का टॉप गैंगस्टर नीरज बवाना डी कंपनी के इशारे पर राजन को मारने की प्लॉटिंग कर रहा है, इस बारे में तिहाड़ प्रशासन को दो हफ्ते पहले पता चला था, जब गैंगस्टर के किसी साथी ने शराब के नशे में ये बात कुछ लोगों के सामने कह दी थी, जिनके जरिए प्रशासन को इस बारे में भनक लगी और उसने राजन की सुरक्षा और कड़ी कर दी.हालांकि प्रशासन ने कहा कि राजन की सुरक्षा में विशेष गार्ड लगे हैं, हम सबको पता है कि राजन की सुरक्षा हमारे लिए क्या मायने रखती है लेकिन फिर भी हम उसे लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं.

प्रशासन के मुताबिक राजन की सुरक्षा में विशेष गार्ड लगे हैं, वो जेल नंबर 2 के सबसे आखिर सेल में है, जबकि बावना जेल के बहुत दूर किसी दूसरे वार्ड में हैं, ऐसे में उसका राजन तक पहुंचना आसान नहीं.राजन पर हमले वाली बात का खुलासा बावना के किसी साथी ने जेल से छूटने के बाद किया है.गौरतलब है कि छोटा राजन को मुंबई या महाराष्ट्र के किसी भी जेल में इसलिए ही नहीं रखा गया था क्योंकि ऐसा मानना था कि राजन पर दाऊद हमला करवा सकता है क्योंकि उसके लोग महाराष्ट्र में काफी एक्टिव हैं इसलिए उसे भारत की सबसे सुरक्षित जेल कही जाने वाली तिहाड़ जेल में रखा गया है.वैसे इससे पहले भी खबर आई थी कि गैंगस्टर छोटा राजन को दाऊद के करीबी छोटा शकील ने जान से मारने की धमकी दी है.

राजन को धमकी जेल के लैंडलाइन नंबर और जेल में नियुक्त लॉ ऑफिसर सुनील गुप्ता के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये दी गई है जिसके बाद छोटा राजन की सुरक्षा और ज्यादा बढ़ा दी गई है.आपको बता दें कि अंडरवर्ल्ड सरगना छोटा राजन उर्फ राजेंद्र सदाशिव निखालजे के ऊपर हत्या से लेकर जबरन वसूली और तस्करी से संबंधित 85 मामले चल रहे हैं.उसके खिलाफ महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और सीबीआई में ये मामले दर्ज है.उसे 25 अक्टूबर 2015 को इंडोनेशिया की पुलिस ने बाली में गिरफ्तार किया था और 6 नवंबर 2015 को उसे भारत भेजा गया था, तब से वो तिहाड़ में बंद है. केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व प्रमुख जोगिंदर सिंह ने कहा है कि अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की गिरफ्तारी से दूसरे माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम तक पहुंचने में कोई मदद नहीं मिलने वाली है.सिंह ने कहा कि दाऊद पाकिस्तान में है, यह वहां की सरकार कतई मानने को तैयार नहीं है.राजन की गिरफ्तारी दाऊद तक पहुंचने का रास्ता नहीं है.

हालांकि राजन को गिरफ्तार करने के लिए उन्होने भारत की तरफ से इंडोनेशिया के अधिकारियों का आभार जताया था. उन्होंने कहा कि यदि दाऊद को पकड़ना है तो उसके लिए भारत को वैसा ही अभियान चलाना होगा जैसा की लादेन को पकड़ने के लिए अमेरिका ने चलाया था.राजन और दाऊद के बीच कट्टर दुश्मनी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राजन कई जानलेवा हमलों में बाल- बाल बचा है.दाऊद अभी भी उसे रास्ते से हटाने की फिराक में है फिर भी मुबंई अभी भी उसके लिए सबसे सुरक्षित जगह है, क्योंकि मूल रुप से वह मुंबई का ही रहने वाला है.दाऊद पर आगे की कार्रवाई के सवाल पर सिंह ने कहा कि अदालत तय करेगी कि आगे क्या करना है.देश के कानून के हिसाब से जो जरुरी होगा, किया जाएगा. दाऊद इब्राहिम 1993 के बम धमाकों से पहले ही भारत छोड़ चुके था.

ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने पाकिस्तान में शरण ले रखी है लेकिन पाकिस्तान इससे हर बार इंकार करता रहा है.अमरीका की सरकार ने दाऊद इब्राहिम को विश्वस्तरीय आतंकवादियों के समर्थकों की सूची में डाल रखा है. साल 2003 में तैयार लिस्ट के मुताबिक़ “एक पुलिस कांस्टेबल के बेटे, दाऊद इब्राहिम पिछले दो दशकों में भारतीय अंडरवर्ल्ड के सबसे बड़े अपराधियों में से एक हैं.” नरेंद्र मोदी सरकार ने लागातार कहा है कि दाऊद पाकिस्तान में है और दाऊद को वापस लाने के लिए भारत प्रतिबद्ध है.जबकि पाकिस्तान इस बात से इंकार करता आया है कि दाऊद उसके यहां है.

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