खोली जा रही हैं दाऊद की पुरानी फाइलें….

नई दिल्ली : मोदी सरकार अब अपना शिकंजा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के विरुद्ध कसती जा रही है. दाऊद इब्राहिम के दोस्त से दुश्मन बने छोटा राजन की मदद लेकर, दाऊद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की तैयारी शुरू कर ली है.  

मोदी सरकार के आते ही कई ऐसे फैसले लिए गए जिसने भारत की तस्वीर बदलने में अहम भुमिका निभाई। ये फैसले राजनैतिक, आर्थिक, आतंकियों के खिलाफ थे। अब मोदी सरकार आतंक के विरुद्ध एक और कदम उठाने जा रही है। भारत का सबसे बड़े दुश्मन और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी दाऊद इब्राहिम पर मोदी सरकार शिकंजा कसने जा रही हैं।

दाऊद इब्राहिम पर मुंबई के साकीनाका पुलिस थाने में 1999 में फेक करेंसी केस के साथ कई अन्य मामलो में गैर जमानती वारंट जारी करने की तैयारी शुरू कर ली है. एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत से पता चला है की दाऊद इब्राहिम पर वारंट जारी करने का फैसला उसके ख़िलाफ़ आपराधिक गतिविधियों का एक मजबूत डेटाबेस तैयार करने के लिए लिया गया है। सरकार के दिशा निर्देश के चलते इंटेलीजेंस एजेंसी दाऊद इब्राहिम के विरुद्ध अब तक के सभी दर्ज मामलों की तहकीकात कर रही हैं कि उन मामलों में उसके खिलाफ वारंट जारी हुआ था कि नहीं।

एजेंसियां दाऊद इब्राहिम के दोस्त से दुश्मन बने छोटा राजन की मदद लेकर अंडरवर्ल्ड डॉन की आपराधिक गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। छोटा राजन को गिरफ्तार कर नवम्बर 2015 में इंडोनेशिया से भारत लाया गया था। यही वजह है कि पिछले मंगलवार को मुंबई पुलिस ने कोर्ट में महाराष्ट्र कन्ट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम के तहत दर्ज मामले में याचिका दाखिल कर दाऊद इब्राहिम के खिलाफ वारंट की मांग की।

बताते चले कि कोर्ट ने दाऊद इब्राहिम के मामले में पुलिस से भी पुछताछ कि है की पुलिस ने इतने सालों में आज तक दाऊद इब्राहिम के खिलाफ कोई बड़ा कदम क्यों नहीं उठाया गया। जिसके बाद कोर्ट ने दाऊद इब्राहिम के खिला वारंट जारी कर दिया और पुलिस को आदेश दिया की दाऊद इब्राहिम के मामले में अपना रुख कड़ा कर दें।

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